बहादुरगढ़ के निर्दलीय विधायक राजेश जून। जिन्होंने भाजपा को समर्थन दिया है।
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ से निर्दलीय विधायक राजेश जून का एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो गुरुवार को बहादुरगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता का बताया जा रहा है। वीडियो में राजेश जून 2029 का विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ने की इच्छा जताते नजर आ रहे हैं
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प्रेस वार्ता के दौरान राजेश जून ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की है। लेकिन यदि किसी ने टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगे। उन्होंने कहा राजनीति करनी है तो चुनाव तो लड़ना पड़ेगा।
बयान के बाद शुरू हुए सियासी मायने
राजेश जून के इस बयान के बाद बहादुरगढ़ की राजनीति में नए कयास लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विधायक ने पहली बार सार्वजनिक रूप से टिकट को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
वहीं विपक्ष और राजनीतिक जानकार इसे भाजपा के साथ उनके रिश्तों और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि उनका यह बयान संकेत देता है कि यदि पार्टी से टिकट नहीं मिला तो वह अलग राह अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
मीडिया से बातचीत करते बहादुरगढ़ विधायक राजेश जून।
चाचा राजेंद्र जून पर भी किया पलटवार
राजेश जून ने अपने चाचा और 3 बार के पूर्व विधायक राजेंद्र जून के उस बयान का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह दो घंटे में राजेश जून को कुश्ती में हरा देंगे। इस पर राजेश जून ने कहा कि वह अपने चाचा से 3 बार कुश्ती लड़ चुके हैं। उनके अनुसार 3 मुकाबलों में 2 बार उन्होंने राजेंद्र जून को पटखनी दी, जबकि एक मुकाबला बराबरी पर रहा।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
राजेश जून के बयान ने बहादुरगढ़ की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। एक ओर उन्होंने भाजपा से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की, वहीं टिकट नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक समीकरणों को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। अब आने वाले समय में भाजपा और राजेश जून के रिश्तों को लेकर चर्चाएं और तेज होने की संभावना है।
