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पंजाब सरकार ने लैंड पूलिंग नीति में किया बदलाव:जमीन मालिकों के लिए प्लॉटों का दायरा बढ़ाया, स्टांप ड्यूटी में छूट




पंजाब सरकार ने लैंड पूलिंग नीति में संशोधन किया है। जमीन मालिकों के लिए रिहायशी और कमर्शियल प्लॉट का दायरा बढ़ा दिया है। नई व्यवस्था के तहत प्रति एकड़ मिलने वाले कमर्शियल प्लॉट का क्षेत्र बढ़ाया गया है, जबकि कमर्शियल प्लॉट नहीं लेने वाले जमीन मालिकों को पहले से अधिक रिहायशी प्लॉट मिलेगा। सरकार का कहना है कि संशोधनों से लैंड पूलिंग योजना से जुड़े हितधारकों को अधिक लाभ मिलेगा। बीते कल हुई कैबिनिट मीटिंग में इसे मंजूरी दी गई। हालांकि शिरोमणि अकाली दल ने इसका विरोध किया है। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कैबिनेट ने जमीन मालिकों के लिए रिहायशी और कमर्शियल प्लॉटों का क्षेत्र बढ़ाने के लिए संशोधनों को मंजूरी दी है, जबकि हितधारकों के सामने आ रही समस्याओं और व्यावहारिक दिक्कतों के समाधान के लिए ‘आउस्टी पॉलिसी’ में भी कई बदलाव किए गए हैं। कमर्शियल जगह को 200 वर्ग गज से बढ़ाकर 210 किया
संशोधित नियमों के अनुसार लैंड पूलिंग के तहत रिहायशी और कमर्शियल कैटेगरी चुनने वाले जमीन मालिकों को प्रति एकड़ 1,000 वर्ग गज के रिहायशी प्लॉट मिलते रहेंगे, जबकि कमर्शियल जगह को 200 वर्ग गज से बढ़ाकर 210 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दिया गया है। जो लोग केवल रिहायशी कैटेगरी चुनते हैं, उन्हें अब 1,600 वर्ग गज की जगह 1,630 वर्ग गज प्रति एकड़ मिलेगा, जबकि कमर्शियल कैटेगरी के प्रोजेक्ट्स के लिए कमर्शियल जगह 800 वर्ग गज से बढ़ाकर 840 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दी गई है। आउस्टी पॉलिसी में संशोधनों को भी मंजूरी
कैबिनेट ने आउस्टी पॉलिसी में संशोधनों को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत वह जमीन मालिक जिनकी 1 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाती है, वे 200 वर्ग गज के प्लॉट के हकदार होंगे। जिनकी अधिग्रहित जमीन 1 एकड़ से अधिक और 2.5 एकड़ तक है, उन्हें 300 वर्ग गज का प्लॉट मिलेगा। वहीं जिनकी अधिग्रहित जमीन 2.5 एकड़ से अधिक है, वे 500 वर्ग गज के प्लॉट के हकदार होंगे। किसानों के लेटर ऑफ इंटेंट की व्यवस्था
कैबिनेट ने छोटे किसानों के लिए विशेष लेटर ऑफ इंटेंट की व्यवस्था को भी मंजूरी दी है और ‘सुविधा सर्टिफिकेट’ की अवधि दो साल से बढ़ाकर चार साल कर दी है। इसके अलावा इस नीति के तहत विकसित प्लॉट लेने वाले असली जमीन मालिकों को रजिस्ट्रेशन या कन्वेयंस डीड के समय स्टांप ड्यूटी या अन्य खर्च नहीं देने पड़ेंगे। वैकल्पिक रूप से वे अधिग्रहित जमीन के कलेक्टर रेट पर गणना किए गए मूल्य तक पंजाब में कहीं भी जमीन खरीदते समय स्टांप ड्यूटी की छूट का लाभ ले सकते हैं। योग्य जमीन मालिकों को एक तरजीही ट्यूबवेल कनेक्शन भी मिलेगा, जबकि इस नीति में भाग लेने वाले किसान प्राथमिक स्थानों पर प्लॉटों की आबंटन के योग्य होंगे। संशोधित लैंड पूलिंग नीति का विरोध
शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार की संशोधित लैंड पूलिंग नीति को किसानों की जमीन हड़पने की साजिश करार दिया है। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार चुनाव नजदीक आते देख अपने राजनीतिक हितों को साधने में जुटी है। सरकार उन लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है, जिनसे पहले कथित तौर पर विभिन्न प्रकार के समझौते किए गए थे। किसानों के अधिकारों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता
सुखबीर ने कहा कि पंजाब की उपजाऊ जमीन और किसानों के अधिकारों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है। पहले भी किसानों की जमीनों को लेकर की गई ऐसी कोशिशों का विरोध किया गया था और आगे भी किसानों के हितों के खिलाफ किसी भी कदम को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों और उनकी जमीनों की सुरक्षा के लिए पूरे पंजाब में व्यापक जन आंदोलन और संघर्ष चलाया जाएगा। इसके तहत किसानों को जागरूक करने और सरकार की नीति के विरोध में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।



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