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गुरुग्राम में पटौदी चौक पर नियमित वाहन जांच के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने ट्रैफिक पुलिस के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना दिया। चेकिंग के दौरान एक बाइक पर इतने चालान पेंडिंग मिले कि उनकी कुल जुर्माना राशि बाइक की असल कीमत से भी दस गुना ज्यादा निकल गई। पटौदी चौक जोनल अधिकारी एएसआई प्रदीप कुमार ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच टीम को एक बाइक आती हुई दिखाई दी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया और चालक से गाड़ी के दस्तावेज दिखाने को कहा। पुलिस को अंदेशा था कि चालक के पास शायद एक या दो दस्तावेज नहीं होंगे। स्क्रीन पर दिखा 2,13,000 रुपये का जुर्माना चालक पुलिस के सामने एक भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। शक होने पर जब एएसआई प्रदीप कुमार ने ट्रैफिक पुलिस के डिजिटल डिवाइस पर मोटरसाइकिल का नंबर डालकर उसका इतिहास खंगाला, तो उनके होश उड़ गए। स्क्रीन पर एक लंबी-चौड़ी लिस्ट खुल गई। जांच में सामने आया कि इस बाइक पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 51 चालान पेंडिंग थे। जब पुलिस ने इन सभी चालानों की कुल जुर्माना राशि जोड़ी, तो वह आंकड़ा दो लाख तेरह हजार रुपये तक पहुंच चुका था। हेलमेट और पीयूसी के चालान आमतौर पर लोग एक या दो चालान कटने के बाद सतर्क हो जाते हैं, लेकिन इस बाइक चालक ने नियमों को तोड़ने की सारी हदें पार कर दी थीं। लंबित 51 चालानों के रिकॉर्ड को खंगालने पर पता चला कि इसमें अधिकांश उल्लंघन बेहद बुनियादी पाए गए। जिसमें ड्राइवर लगातार बिना हेलमेट के सड़कों पर फर्राटा भर रहा था। बाइक के पीछे बैठने वाली सवारी ने भी कभी हेलमेट नहीं लगाया और पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना प्रदूषण जांच के गाड़ी चलाई जा रही थी। पुलिस ने बाइक इंपाउंड की इतनी भारी-भरकम जुर्माना राशि और नियमों के प्रति ऐसी लापरवाही को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। नियमों के मुताबिक कार्रवाई करते हुए एएसआई प्रदीप कुमार की टीम ने इस बाइक को मौके पर ही इंपाउंड कर लिया। इसके बाद क्रेन बुलाकर गाड़ी को निर्धारित सरकारी पार्किंग में खड़ा करवा दिया गया है। अब चालक को अपनी बाइक वापस पाने के लिए पहले कोर्ट या ट्रैफिक विभाग में इस भारी जुर्माने को भुगतना होगा।
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