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हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में यमुना एक्शन प्लान की समीक्षा के लिए हरियाणा सिविल सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य की नदियों, विशेषकर यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि यमुना नदी में प्रदूषण को रोकने से संबंधित सभी विभागों की परियोजनाओं को 31 दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरा किया जाए। इसके लिए सभी कार्य अनुबंध इसी समयावधि को ध्यान में रखकर आवंटित किए जाएं। जमीन आवंटन में देरी रोकने के लिए सख्त निर्देश बैठक में यह बात सामने आई कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) के लिए भूमि आवंटन में देरी के कारण परियोजनाएं लंबित हो रही हैं। इस पर निर्णय लिया गया कि जमीन चिह्नित होने के बाद कार्यदायी विभाग तुरंत अपनी सहमति देगा। सहमति मिलते ही डीम्ड पजेशन मान लिया जाएगा और भूमि मालिक एजेंसी 1 सप्ताह के भीतर सीमांकन पूरा करेगी। इसके तुरंत बाद टेंडरिंग और निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रमुख जिलों के लिए तय किए गए कार्य व लक्ष्य लापरवाह एजेंसियों पर लगेगा पर्यावरण जुर्माना HSPCB द्वारा नियमों के उल्लंघन पर एसटीपी और सीईटीपी का संचालन करने वाली एजेंसियों पर जो पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि लगाई गई है, उसे सभी संबंधित विभाग (PHED, ULBD, HSVP, HSIIDC) जल्द से जल्द वसूल कर बोर्ड में जमा कराएंगे। इसके साथ ही मौजूदा एसटीपी के कुशल संचालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वे निर्धारित मानकों पर खरे उतर सकें। डेयरी कचरे से बनेंगे बायो गैस प्लांट यमुना के कैचमेंट एरिया में चलने वाली डेयरियों के पशु अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कुल 1455 TPD क्षमता के बायो-गैस प्लांट लगाए जा रहे हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पंचायत विभाग, हरेडा और शहरी स्थानीय निकाय विभाग मिलकर इन सभी प्लांटों को 31 दिसंबर 2027 तक चालू करना सुनिश्चित करें।
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