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फतेहाबाद जिले के टोहाना शहर में नशे के एक मामले को दबाने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम की कार्रवाई देर रात 1 बजे तक चली। टीम ने रात 1 बजे टोहाना के सिटी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह को छोड़ दिया गया। दावा है कि उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिले। यह भी कहा गया कि बिचौलिए ने एसएचओ का झूठा नाम लिया है। इस कारण पूछताछ के बाद एसएचओ को छोड़ दिया। एसीबी टीम ने इस मामले में बिचौलिए कृपाल सिंह को पकड़ा है। बिचौलिए को 50 हजार रुपए लेते पकड़ा गया है। यह था पूरा मामला जानकारी के अनुसार, गांव कलरभैणी निवासी एक व्यक्ति को कुछ दिन पहले नशे के एक मामले में पकड़ा गया था। हालांकि, उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। आरोप है कि मामला पूरी तरह रफा-दफा करने के बदले पहले पांच लाख रुपए की मांग की गई थी। बाद में सौदा ढाई लाख रुपए में तय हो गया। इसकी शिकायत गांव बिठमड़ा निवासी जगजीत सिंह ने एसीबी को दी थी। शिकायत मिलने के बाद करनाल एसीबी ने फतेहाबाद की टीम को साथ लेकर ट्रैप की योजना बनाई। तय कार्यक्रम के अनुसार शिकायतकर्ता ने बिचौलिए को पचास हजार रुपए सौंपे। जैसे ही उसने रकम अपने कब्जे में ली, पहले से निगरानी कर रही टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इसी दौरान बिचौलिए ने एसएचओ कुलदीप सिंह का नाम ले दिया। एसएचओ व बिचौलिए को साथ लेकर फतेहाबाद पहुंची टीम इसके बाद एसीबी टीम बिचौलिए, शिकायतकर्ता और एसएचओ कुलदीप सिंह को अपने साथ फतेहाबाद एसीबी कार्यालय ले आई। जहां देर रात 1 बजे तक दोनों से पूछताछ होती रही। सूचना पाकर फतेहाबाद से कई एसएचओ और चौकी प्रभारी भी एसीबी कार्यालय पहुंच गए। एसीबी टीम ने गहनता से मामले की जांच की। इसके बाद एसएचओ इंस्पेक्टर कुलदीप को एसीबी की टीम ने पूछताछ के बाद छोड़। बताया गया है कि एसएचओ के खिलाफ पैसे लेने के कोई सबूत नहीं मिले हैं और न ही पैसे मांगने के सुबूत मिले हैं।
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