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किसान मजदूर मोर्चा की 13 को चंडीगढ़ में बैठक:शंभू-खनौरी आंदोलन अगली रणनीति, MSP से लेकर मुआवजे तक कई मुद्दों पर मंथन




भारत की ओर से 13 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ के किसान भवन में अहम बैठक बुलाई गई है। इसमें शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चले किसान मोर्चे के दौरान उठे मुद्दों और किसानों की लंबित मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। बैठक में किसान नेताओं की ओर से अगले बड़े आंदोलन या मोर्चे को लेकर फैसला लिए जाने की संभावना है। मोर्चे से जुड़े किसान नेताओं के अनुसार, बैठक में आंदोलन के दौरान किसानों की ओर से उठाई गई मांगों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही केंद्र और पंजाब सरकार के स्तर पर लंबित मांगों को लेकर आगे का रुख तय किया जाएगा। किसान नेताओं का कहना है कि यदि लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को दोबारा तेज किया जा सकता है। शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी का मुद्दा बैठक में आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिवारों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा होगी। किसान नेता शहीद किसान शुभकरण सिंह समेत आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले सभी किसानों के परिवारों को बकाया मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग उठा रहे हैं। मोर्चे की ओर से सरकार से मांग की जाएगी कि शहीद किसानों के परिवारों के लिए घोषित सहायता को जल्द पूरा किया जाए। किसान नेताओं का कहना है कि जिन परिवारों को अभी तक मुआवजा या नौकरी नहीं मिली है, उनके मामलों का जल्द निपटारा किया जाना चाहिए। किसानों पर कार्रवाई और नुकसान की भरपाई का मुद्दा भी एजेंडे में शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान किसानों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी बैठक में चर्चा होगी। किसान नेताओं का आरोप है कि आंदोलन के दौरान किसानों और उनके नेताओं को प्रताड़ित किया गया और उनके सामान को नुकसान पहुंचा। मोर्चा ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और किसानों के हुए नुकसान की भरपाई की मांग कर रहा है। बैठक में इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। दिल्ली समेत दर्ज केस वापस लेने की मांग किसान नेताओं की ओर से दिल्ली आंदोलन-1 और आंदोलन-2 के अलावा पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में किसानों के खिलाफ दर्ज पुलिस केस वापस लेने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। मोर्चे का कहना है कि किसान आंदोलनों से जुड़े मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जानी चाहिए, ताकि किसानों को कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े। MSP की कानूनी गारंटी और कर्जमाफी पर होगा मंथन बैठक में सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी का कानून बनाने और किसानों को कर्जमुक्त करने की मांग पर भी चर्चा होगी। किसान संगठन लंबे समय से MSP की कानूनी गारंटी को अपनी प्रमुख मांगों में शामिल करते रहे हैं। बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि इन मांगों को लेकर केंद्र सरकार के सामने आगे किस तरह दबाव बनाया जाए और आंदोलन की दिशा क्या होगी। पंजाब सरकार के वादों पर भी उठेंगे सवाल किसान मजदूर मोर्चा पंजाब सरकार के स्तर पर लंबित मुद्दों को भी बैठक में उठाएगा। इनमें सभी फसलों पर MSP देने, किसानों को कर्जमुक्त करने और राज्य की कृषि नीति लागू करने से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार की ओर से किए गए वादों की स्थिति की समीक्षा जरूरी है। इसी आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। BBMB, बाढ़ मुआवजा और लैंड पूलिंग पॉलिसी पर भी चर्चा बैठक में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) पर केंद्र के बढ़ते नियंत्रण का विरोध भी प्रमुख मुद्दा रहेगा। इसके अलावा पंजाब में बाढ़ से प्रभावित किसानों और परिवारों के लिए मुआवजे की मांग पर चर्चा होगी। राज्य सरकार की नई लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर भी किसान नेताओं के बीच गंभीर विचार-विमर्श होगा। बैठक में नीति के संभावित प्रभावों और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बाद संगठन का अगला रुख तय किया जाएगा। गांवों में बैनर-फ्लेक्स लगाने की तैयारी किसान नेताओं के अनुसार, आने वाले दिनों में पंजाब के गांवों में फ्लेक्स और बैनर लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से सरकार की नीतियों और किसान आंदोलनों के दौरान हुई कार्रवाई से जुड़े मुद्दों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। इन बैनरों पर “ट्रॉली चोरों, शंभू-खनौरी में हुए नुकसान की भरपाई करो” जैसे संदेश लिखे जाने की बात कही गई है। बैठक में बैनर लगाने के अभियान की रूपरेखा और इसे गांव-गांव तक पहुंचाने को लेकर भी फैसला लिया जाएगा।



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