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रोहतक में बिहार के सांसद पप्पू यादव के खिलाफ संत समाज एकत्रित हुआ और भगवे का अपमान करने पर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही सांसद की सदस्यता को रद्द करने के लिए आंदोलन करने की घोषणा की। राम मंदिर चोरी मामले में विरोध करने के तरीके पर संत समाज ने आपत्ति जताई। गौकर्ण पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कपिलपुरी महाराज ने कहा कि भगवे को लेकर व भगवान रामलला को लेकर जो विरोध दर्ज करने का तरीका सांसद पप्पू यादव का था, उससे आपत्ति है। इसको लेकर अखाड़ा पेशवा भी निर्णय लेंगे और संत समाज इसका पुरजोर विरोध करेगा। भगवा कोई साधारण वस्तु नहीं
स्वामी कपिलपुरी महाराज ने कहा कि भगवे का अपमान करना व भगवा पहनकर ऐसे बैठ जाना ठीक नहीं है। भगवा कोई साधारण वस्तु नहीं है। एक भगवान का दिया हुआ वस्त्र है, जो अपने गुरु से दीक्षा के दौरान दिया जाता है। पप्पू यादव को वह पहनने का क्या अधिकार है, किसने उसे अधिकार दिया। संसद में कार्य करें, सड़क पर बैठकर तमाशा नहीं
स्वामी कपिलपुरी महाराज ने कहा कि पप्पू यादव संसद में कानून बनाने गए है। संसद का कार्य संसद के अंदर चलाओ, ना कि सड़क पर बैठकर किसी प्रकार के तमाशे करे। मंदिर में चंदा चोरी को लेकर एसआईटी जांच कर रही है। भगवा पहनकर किसने कहा कि विरोध करे, बिना भगवे के भी विरोध हो सकता है। भगवा पहनकर विरोध क्यों किया
स्वामी कपिलपुरी ने कहा कि संतों का किसी पार्टी से लेना देना नहीं है। चंदे को लेकर पप्पू यादव भाजपा का विरोध करें या अन्य किसी का, लेकिन भगवा पहनकर क्यों किया गया। भगवे का भले ही कोई पेटेंट नहीं करवा रखा, लेकिन वह अन्य कोई वस्त्र पहनकर भी विरोध कर सकता है। मंदिर में चोरी से भगवा धारण करने वालों का लेना देना नहीं
स्वामी कपिलपुरी ने कहा कि मंदिर में चोरी कर्मचारियों ने की। एसआईटी की जांच में सब पकड़े जा चुके है। मंदिर चोरी में किसी भगवा धारण करने वाले का कोई लेना देना नहीं है। संत समाज उनके खिलाफ जो आवाज होगी, वह उठाएगा। संत कौन है, कौन नहीं, हमें किसी को बताने की जरूरत नहीं। इस मौके पर स्वामी विश्वेश्वरानंद महाराज व साध्वी मानेश्वरी देवी मौजूद रहे।
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