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सिरसा ऐलनाबाद में मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी:ड्रग इंस्पेक्टर-DSP की टीम ने खंगाला दवा सहित सेल-परचेज रिकॉर्ड, अनियमिताएं मिलने पर चेतावनी




सिरसा के ऐलनाबाद में आज शनिवार को कई जगह पर मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की गई। इस दौरान ड्रग इंस्पेक्टर सुनील कुमार व केशव वशिष्ठ एवं DSP ऐलनाबाद सुभाष एवं थाना प्रभारी प्रगट सिंह की टीम आज फील्ड में उतरी और मेडिकल पर दवाओं के सेल-परचेज का रिकॉर्ड खंगाला। पुलिस एवं ड्रग विभाग की टीम ने मेडिकल स्टोर संचालकों से नशीली दवाएं बेचने एवं उनके रिकॉर्ड का भी ब्यौरा मांगा। खास बात रही कि पुलिस टीम के आने से पहले ही मेडिकल संचालकों के पास सूचना पहुंच गई और नशीली दवाएं एवं उससे जुड़ा रिकॉर्ड छिपा दिया। कुछ मेडिकल स्टोर संचालक अपनी शॉप बंद कर चले गए। करीब एक से डेढ़ घंटे तक पुलिस की ये जांच चली। इसके चलते पुलिस को कुछ खास हाथ नहीं लगा। पुलिस के अनुसार, कुछ मेडिकल स्टोर पर कुछ अनियमिताएं रही, जिनको दुरुस्त करने के ओदश दिए गए। संचालकों को नशा से संबंधित गोलियां या इंजेक्शन बेचने पर रोक लगाने के आदेश दिए। अगर किसी ने ऐसी चीजें बेची तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये मेडिकल नशा ही युवाओं की मौत का बड़ा कारण बन रहा है। तभी जिले में नशे से होने वाली मौत एवं नशे पर अंकुश लगाया जा सकता है। डीसी ने ली एनकोर्ट की मीटिंग, बोले-जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए इधर, आज शनिवार को लघु सचिवालय स्थित वीसी हॉल में डीसी शांतनु शर्मा की अध्यक्षता में नार्को कॉर्डिनेशन (एनकोर्ड) कमेटी की समीक्षा बैठक हुई। इसमें एसपी सिरसा दीपक सहारण, डबवाली एसपी जसलीन कौर, एडीसी अर्पित संगल, जेल अधीक्षक जसवंत सिंह, सीएमओ डॉ. पवन कुमार, उप निदेशक कृषि डॉ. सुखदेव सिंह, डीएसडब्ल्यूओ सत्यवान ढिलोड, उप सिविल सर्जन डॉ. पंकज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। डीसी शांतनु शर्मा ने कहा कि नशा उन्मूलन के लिए और जमीनी स्तर पर ठोस तथा प्रभावी कदम उठाने होंगे। यह अभियान केवल प्रशासन तक सीमित न रहकर जन-आंदोलन का रूप ले, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। इसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। डीसी बोले, अवैध नशीली दवा दी तो बर्दाश्त नहीं करेंगे डीसी बोले, विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर देते हुए कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, उसके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए, ताकि वे जागरूक होकर इस बुराई से दूर रहें। किसी भी हालत में अवैध रूप से नशीली दवाइयों की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई मेडिकल स्टोर नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।



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