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रोहतक के ब्लॉक महम के गांव महम खेड़ी के रहने वाले जगतार भगत ने चौगानन धाम को दोबारा खोलने को लेकर वीडियो जारी किया है। जगतार ने कहा कि सोमवार को छोड़कर बाकी सभी दिन चौगानन धाम खुला रहेगा और चौगानन धाम में किसी भी पाखंडवाद को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। ना ही झाड़ा लगाने का कोई पैसा लिया जाएगा। गांव खिड़वानी के रहने वाले धर्मेंद्र हुड्डा ने कुछ दिन पहले पाखंडवाद के खिलाफ मुहिम शुरू की थी, जिसमें हांसी वाले बाबा दिनेश व चौगानन धाम वाले बाबा जगतार को निशाने पर लेते हुए पाखंड बंद करने की चेतावनी दी थी। इसी कड़ी में चौगानन धाम वाले बाबा जगतार ने धर्मेंद्र हुड्डा की बात मानते हुए चौगानन धाम पर 5 अगस्त की सुबह ताला जड़ दिया था। कैसेट व सीडी बेचकर चलाया घर का गुजारा
जगतार ने घर का खर्च निकालने के लिए शुरू में रेहड़ी पर सीडी बेचने का काम शुरू किया। सीडी के साथ टेप रिकॉर्डर की कैसेट भी रखता था। कई साल तक कैसेट-सीडी बेचकर ही घर का गुजारा किया और परिवार को संभाला। बच्चों की पढ़ाई करवाई। जब मोबाइल का दौर शुरू हुआ तो सिम बेचने का काम शुरू कर दिया। करीब 7 साल पहले झाड़ा लगाना शुरू किया
ग्रामीणों के अनुसार करीब 7 साल पहले जगतार ने झाड़ा लगाना शुरू किया। नाथ सम्रदाय के गुरु गोरक्षनाथ को मानते हुए जगतार ने धूणा लगाया और लोगों की आस्था शुरू हो गई। लोग धूणे पर आने लगे और कुछ लोग ठीक हुए तो इसे चमत्कार मानने लगे। करीब दो साल पहले जगतार ने चौगानन धाम का विस्तार करते हुए शेड बनवाया, ताकि झाड़ा लगवाने के लिए आने वाले लोगों को परेशानी ना हो। रोजाना हजारों की संख्या में आते श्रद्धालु
चौगानन धाम पर रोजाना हजारों की संख्या में लोग अपनी बीमारियों को लेकर आते है। जगतार ने झाड़ा लगवाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर रखी थी, जिसके नाम पर 500 रुपए फीस ली जाती थी। साथ ही बिना ऑनलाइन आने वाले लोगों से भी रुपए लिए जाते थे। रोजाना की लाखों रुपए में कमाई बताई जा रही है। लेकिन अब बुकिंग सिस्टम को बंद कर दिया गया और झाड़ा भी फ्री में लगाया जाएगा। पाखंडवाद को बढ़ावा न देने की कही बात
जगतार भगत ने एक वीडियो डालते हुए कहा कि वह पाखंडवाद को बढ़ावा नहीं देंगे। धर्मेंद्र हुड्डा ने 200 कन्याओं के विवाह की बात कही, उसे भक्तों ने स्वीकार कर लिया। ऑनलाइन व ऑफलाइन झाड़ा लगाने का कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। वह धर्मेंद्र हुड्डा की पाखंडवाद के खिलाफ शुरू हुई मुहिम में साथ है और चौगानन धाम की चाबी भी धर्मेंद हुड्डा के पास है। किसी में नहीं आती माई और ना आता बाबा
जगतार ने बताया कि किसी के अंदर ना माई आती और ना ही कोई बाबा आता। अगर किसी को कोई परेशानी है तो वह अपने दादा खेड़ा या कान पाटे नाथों के पास जाए। सबसे पहले डॉक्टर के पास जाए। जब सब जगह हार जाए तो चौगानन धाम पर आए। चौगानन धाम पर आस्था के कारण वह ठीक हो सकता है।
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