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करनाल में बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के बाद हुए काला माजरा गांव निवासी हर्ष व बिरबल के एनकाउंटर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रोड़ समाज में इस मामले को लेकर भारी रोष है। काला माजरा गांव में रविवार को आयोजित महापंचायत में समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि यह एनकाउंटर राजनीतिक दबाव में सुनियोजित तरीके से किया गया। लोगों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम से यह साफ प्रतीत होता है कि पहले से ही कार्रवाई की योजना बना ली गई थी। आज दोबारा समाज के मुख्य लोग इस मामले की आगामी रणनीति को लेकर रोड़ धर्मशाला में मीटिंग करेंगे। कल पंचायत में मौजूद लोगों ने बताया कि करनाल के विधायक जगमोहन आनंद ने वाल्मीकि समाज के सामने एसपी से फोन पर स्पीकर ऑन करके बातचीत की थी। उस दौरान एसपी ने 10 घंटे का समय मांगा था। विधायक ने मीडिया के सामने भी बयान दिया था कि बीरू की हत्या करने वालों का “इलाज” किया जाएगा। इसके बाद रात में ही दो युवकों का पुलिस एनकाउंटर हो गया, जिससे लोगों के बीच संदेह और गहरा गया। महापंचायत में उठे तीखे सवाल
रोड़ समाज के प्रधान बलकार सिंह, नीरज कुमार व अन्य ने आरोप लगाया कि हर्ष का एनकाउंटर फर्जी और सुनियोजित है। उनका कहना है कि हर्ष एक गरीब परिवार से था और उसे योजनाबद्ध तरीके से मार दिया गया। समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। पंचायत में यह भी कहा गया कि प्रशासन स्पष्ट करे कि हर्ष को कहां से उठाया गया था, उसने किस पर गोली चलाई थी और किन परिस्थितियों में उसका एनकाउंटर किया गया। लोगों ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान शूटर समाना के सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया गया, जिसमें उसने लिखा था कि पुलिस ने दो युवकों को उठाया है और उनका फर्जी एनकाउंटर न किया जाए। इसके बावजूद दोनों युवकों का एनकाउंटर हो गया, जिसे समाज ने गंभीर सवालों के घेरे में बताया। प्रदर्शन और दबाव में प्रशासन
वाल्मीकि समाज द्वारा पहले ही सड़कों पर प्रदर्शन और हाईवे जाम करने की चेतावनी दी जा चुकी है। इससे प्रशासन और शासन दोनों दबाव में हैं। रोड़ समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि विधायक को केवल वाल्मीकि समाज के वोट नजर आए, जबकि उनकी अनदेखी की गई। उन्होंने एकजुट होकर शांतिपूर्ण धरना देने और ज्ञापन सौंपने की बात कही। लोगों ने यह भी कहा कि समाज में डर का माहौल है और यदि कोई आवाज उठाता है तो उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाने का भय बना हुआ है। इसके बावजूद उन्होंने संघर्ष जारी रखने की बात कही और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग उठाई। मां बाप की पहले हो चुकी मौत अब दो भाई बचे
हर्ष के परिजनों ने बताया कि हर्ष के माता पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है, उनकी मौत के बाद तीनों भाईयों का पालन पोषण उनके ताऊ करते थे, हर्ष सबसे बड़ा बेटा था जो दिहाड़ी मजदूरी करके अपने दोनों भाईयों को पढ़ाने व ताऊ का काम में हाथ बढ़ाने काम करता था। परिजनों का कहना कि हर्ष पर आजतक कोई अपराधिक मामला दर्ज नहीं था। क्या है मामला
5 अगस्त की रात करनाल के हांसी रोड पर दो बदमाशों ने बीरू वाल्मीकि की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 6 अगस्त को मृतक के परिजनों ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और रोड जाम कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उसी रात कार्रवाई करते हुए हर्ष और बीरबल नाम के दो बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस ने दोनों को इस हत्याकांड का शूटर बताया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। आश्वासन के बाद उठाया था बीरू का शव
7 अगस्त को बीरू के परिजनों ने प्रशासन व सरकार से एक करोड़ रुपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को एचकेआरएन के तहत नौकरी व पांच गन लाइसेंस की मांग को लेकर दोबारा प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और शव अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। CIA इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। वायरल ऑडियो की भी जांच की जा रही है और साइबर सेल टीम की मदद से आरोपियों के फोन कॉल व सोशल मीडिया किस किस से बात हुई इन सब चीजों को खंगाला जा रहा है ताकि असली मास्टरमांइड तक पहुंचा सके।
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