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अवैध मीट की दुकानों पर पहुंची पंचायत विभाग की टीम:शॉप बंद करने के निर्देश दिए; ग्रामीणों ने पानीपत DC को दी थी शिकायत




पानीपत जिले के उपमंडल इसराना की नायक बस्ती के पास अवैध रूप से चल रही मांस बिक्री की दुकानों को बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को आयोजित समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने DC के नाम एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे पहले भी कई बार शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की ढिलाई के कारण इन अवैध दुकानों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। डीसी के आदेश पर हरकत में आया प्रशासन ग्रामीणों के कड़े रुख और शिकायत की गंभीरता को देखते हुए डीसी ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर ही एसडीएम इसराना को नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए। डीसी के आदेश के बाद SDM के निर्देश पर पंचायत विभाग की एक विशेष टीम तुरंत हरकत में आई और नायक बस्ती पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। टीम में शामिल पंचायत विभाग के जेई शिवरतन, जेई अंकित, ग्राम सचिव अजय और अंकित ने मौके पर मौजूद दुकानदारों से सीधे बातचीत की और उन्हें नियमों का हवाला देते हुए जल्द से जल्द दुकानें बंद करने के सख्त निर्देश दिए। दुर्गंध और गंदगी से राहगीर परेशान, स्वच्छता पर ग्रहण ग्रामीणों का कहना है कि गोहाना-पानीपत मुख्य मार्ग पर संचालित इन अवैध दुकानों के कारण पूरे आसपास के क्षेत्र में भारी गंदगी फैलती है। दुकानदार मांस के अवशेष और अन्य दूषित कचरा खुले में फेंक देते हैं, जिससे उठने वाली भयंकर दुर्गंध के कारण वहां से गुजरने वाले राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार दुकानदारों को समझाने का प्रयास किया, ताकि क्षेत्र की स्वच्छता और वातावरण खराब न हो, लेकिन दुकानदारों ने उनकी एक न सुनी। शिकायत करने पर मिलती है धमकी, निष्पक्ष जांच की मांग शिकायतकर्ता राहुल, कुलदीप, मंगी, सोमबीर, लालजी, नीरज, सोनू, राजेश, सुभाष, धर्मपाल और रामफल सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी एसडीएम इसराना और स्थानीय पुलिस थाने को लिखित पत्र दिए गए थे, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। इसी लापरवाही के कारण दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने एक गंभीर आरोप यह भी लगाया कि जब भी कोई स्थानीय नागरिक इन दुकानों के संचालन पर आपत्ति जताता है, तो दुकानदार उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं। ग्रामीणों ने साफ किया कि वे किसी के रोजगार या पेट पर लात मारने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर आमजन को परेशान करने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समाधान शिविर के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की है कि इन दुकानों की निष्पक्ष जांच कराकर इन्हें तुरंत बंद कराया जाए और क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।



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