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कैथल में 28 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा पकड़े गए वैटरनरी सर्जन से पूछताछ के दौरान कई बड़े और अहम खुलासे हुए। जब आरोपी से गहन पूछताछ की गई तो पता चला कि आरोपी रिश्वत के अलावा और भी गैर कानूनी धंधों में संलिप्त था। उसने कबूल किया कि वह फूड सेफ्टी ऑफिसर बनकर शहर में डेयरी व दूध उत्पादन विक्रेताओं के दुकानों पर छापेमारी करता था। पैसे लेकर करता था समझौता अगर छापेमारी से डर कर कोई दुकानदार या डेरी संचालक आरोपी को पैसे दे देता था तो वह उनके साथ समझौता कर लेता था। अगर दुकानदार ऐसा नहीं करता था तो वह जल्द ही टीम के साथ आने की बात कह कर वहां से चला जाता था। बाद में दुकानदारों में यही डर रहता था कि कब उनकी दुकान पर रेड पड़ जाए। 10 भैंसों का सर्टिफिकेट वैरिफाई करना था वहीं पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने जिस डेयरी संचालक की भैंसों के लोन के बाद उनके सर्टिफिकेट को वेरीफाई करना था, उससे प्रति भैंस के हिसाब से तीन तीन हजार रुपए लिए थे। आरोपी ने कहा था कि जितनी भैंसों का लोन होगा, सभी की वेरिफिकेशन के अलग-अलग पैसे देने होंगे। डेयरी संचालक ने 10 भैंसों के लोन के बाद सर्टिफिकेट बनवाना था। शिकायत मिली तो कार्रवाई होगी एसीबी इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि ब्यूरो की टीम ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जिस तरह से आरोपी डेयरियों व दुकानों पर छापेमारी करता था, अगर किसी दुकानदार की इस संबंध में शिकायत आएगी तो उन शिकायतों के आधार पर भी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। उनकी टीम मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जानिए पूरा मामला बता दें कि तीन दिन पहले एसीबी की टीम ने पट्टी अफगान में तैनात वैटरनरी सर्जन डॉक्टर अंकुर को 28 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। गांव सेंगरी निवासी शिकायतकर्ता राममेहर के मुताबिक, उन्हें डेयरी की भैंसों पर लोन लेना था। बैंक ने पशुओं का हेल्थ सर्टिफिकेट मांगा। जो पट्टी अफगान में तैनात वेटनरी सर्जन डॉक्टर अंकुर से अप्रूव कराना था। शिकायतकर्ता राममेहर के अनुसार 15 जुलाई को वे डॉक्टर के पास गए। हेल्थ सर्टिफिकेट पर साइन करने के लिए डॉक्टर ने रुपए मांग लिए। साइन करने के बाद डॉक्टर पैसे मांगने के लिए दिन में 10-12 फोन कर देता था। कई बार पैसे मांगने डेयरी पर भी आ जाता था। इसी से परेशान होकर उन्होंने एसीबी से डॉक्टर की शिकायत की। टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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