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भिवानी में एक विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। जिसमें पीड़िता ने अपने देवर पर छेड़खानी के आरोप भी लगाए हैं। वहीं दहेज के लिए मारपीट करने व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई है। भिवानी निवासी महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 1 सितंबर 2023 को भिवानी निवासी हर्ष के साथ हुई थी। शादी में उसके परिवार ने हैसियत से ज्यादा दान दहेज दिया। उनकी जाति अलग-अलग है, वह अनुसूचित जाति से है और उनके पति स्वर्ण जाति से हैं, इसलिए अंतरजातीय विवाह किया था। शादी दोनों परिवारों की रजामंदी से हुई थी। इसके बाद ससुराल वाले ताने मारने लगे कि जो सामान लाई है वह घटिया किस्म का है। दहेज में कोई भी कीमती सामान नहीं लाई। मोटरसाइकिल, सोने की झुमकी, सोने की अंगूठी देनी चाहिए थी और पूरा मान सम्मान करना चाहिए था। दहेज मांग को लेकर ससुराल वाले तंग करने लगे। दहेज को लेकर मारपीट भी की। नवंबर 2023 में वह गर्भवती हो गई। इस पर ससुराल वालों ने कहा कि हमें लड़की नहीं चाहिए, केवल लड़का ही चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे को गिरा दे। इसको लेकर उसे परेशान किया जाने लगा। 2 अक्टूबर 2023 को चाय में कुछ मिलाकर पिलाया, जिससे गर्भपात हो गया। 15 अक्टूबर को दहेज की मांग को लेकर मार-पिटाई की और पूरे दिन कुछ भी खाने के लिए नहीं दिया। साथ ही जातिसूचक गालियां दी। देवर पर छेड़खानी के आरोप लगाए
पीड़िता ने आरोप उसका देवर उस पर बुरी नजर रखता है। नवंबर 2023 के पहले सप्ताह में उसके साथ छेड़छाड़ की और जबरदस्ती की कोशिश की। विरोध किया तो धमकी दी कि इस बारे में किसी को कुछ बताया तो इस घर में जीना दुभर कर दूंगा। डर के मारे किसी को कुछ नहीं बताया। इसके बाद जब वह फिर से गर्भवती हुई तो भी ससुराल वालों ने उसे किसी डॉक्टर को नहीं दिखाया ताकि उसका गर्भपात हो सके। 10 मार्च 2024 को उसका भाई को ससुराल बुलाया और वह उसे अपने मायके ले आया। 13 जुलाई 2024 को उसने एक लड़के को जन्म दिया। डिलीवरी का पूरा खर्च मायके वालों ने उठाया। उसके ससुराल वाले बच्चे को देखने तक नहीं आए। उसके पति ने धमकाते हुए कहा कि वह इस बच्चे को पिता का नाम भी नहीं देगा। वह 10 मार्च से मायके रह रही है। इसके बाद अब मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। अब पुलिस ने केस दर्ज किया है।
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