सिरसा जिले में बाढ़, सेम और हिसार घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन की समस्या को लेकर 3 जून को ओटू हेड सिरसा में किसान मजदूर पंचायत बुलाई है। किसानों की मांग है कि बाढ़ व ड्रेन की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। किसान बोले, प्रशासन एवं सरकार से हर साल होने वाली बर्बादी का जवाब मांगा जाएगा। अखिल भारतीय किसान सभा आज और कल अगले दो दिन तक पंचायत की तैयारी के लिए गावों में जन अभियान चलाएगी। किसान सभा नेताओं ने बताया कि कई दिनों से मीटिंग चल रही है और आज भी किसानों को बुलाया गया है। पिछले साल सिरसा जिला समेत कई जिलों में खरीफ की फसलों में बड़ा भारी नुकसान हुआ था। इसका कारण प्रकृतिक आपदा नहीं, बल्कि हरियाणा सरकार की लापरवाही और प्रशासनिक विफलता के चलते हुई थी। किसाने बोले, ड्रेन के चलते ही सेम की समस्या बढ़ती जा रही है और फसलों की तबाही बढ़ रही है। सेम की समस्या के समाधान के लिए सोलर ट्यूबवैल लगाए थे, वो फेल हो चुके हैं। ओटू हेड पर गेट के लिए ढांचा तैयार किया, उसके गेट नहीं लगे। इसके लिए हजारों करोड़ के फंड जारी होते हैं। उस पर एक पैसा भी ड्रेन पर खर्च नहीं करते और बड़े भारी भ्रष्टाचार कर शीर्ष अधिकारी अपना घर भर रहे हैं। इसलिए इन मुद्दे के समाधान के लिए 3 जून को विशाल पंचायत ओटू हेड पर की जाएगी। यह है कारण तबाही लाने के किसान सभा नेता संदीप धीरणवास ने बताया कि हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन बारिश के पानी की निकासी के लिए बनाई थी, वो किसानों के घरों, उनकी फसलों को डूबोने का कारण बन रही है। इस ड्रेन से पानी की निकासी की जितनी क्षमता है, उससे ज्यादा पानी इसमें चलता है। इसके लेवल में कमी होने, इसके बांध कच्चे होने, समय पर सफाई न होने और सबसे प्रमुख ओटू हेड पर इस ड्रेन के पानी को घग्गर में डालने के लिए पंप सेट न होने से ये ड्रेन हर बार तबाही लाती है। इन गांवों में चल रहा अभियान किसानों ने पंचायत की तैयारी के लिए चाहरवाला, रुपाणा जाटान, दैयड़, शाहपुरिया, तरकांवाली, रुपाणा बिशनोईयां, दड़बा में अभियान चलाया। यहां के सभी पीड़ित, प्रभावित गांववासियों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की जा रही है। यह अभियान सोमवार व मंगलवार तक चलेगा। ओटू व आसपास गांव के लोगों को बुलाया है।
इस अभियान में किसान सभा के नेता हमजिंदर सिद्धू, अभिमन्यु सहारण,राज्य महासचिव सुमित दलाल, मांगेराम कासनियां,निकास बेनीवाल, अभय सिंह सहारण आदि शामिल रहे।
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