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शिवसेना पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष संजीव घनौली ने हरियाणा के भंगाला क्षेत्र में एंटी टेररिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। घनौली ने इस घटना को पाकिस्तान समर्थित ताकतों की सोची-समझी साजिश बताया और पंजाब, हरियाणा तथा केंद्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। संजीव घनौली ने बताया कि हिंदू नेता गुरसिमरन सिंह मंड को पंजाब पुलिस, हरियाणा पुलिस और केंद्र की सीआरपीएफ की सुरक्षा मिली हुई थी। इसके बावजूद, भंगाला में गुरुद्वारा साहिब के बाहर उन पर हमला किया गया। मंड देशविरोधी ताकतों और पाकिस्तान समर्थित खालिस्तानियों के खिलाफ मुखर रहे हैं। घनौली बोले- सरकारी हथियार क्या सिर्फ दिखावे के लिए हैं घनौली ने सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद हमलावरों का सामना न कर पाने पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या सरकारी हथियार सिर्फ दिखावे के लिए हैं। घटना के 18 घंटे बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने को उन्होंने कानून-व्यवस्था की विफलता बताया। शिवसेना अध्यक्ष संजीव घनौली ने आरोप लगाया कि सीमा पार से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और आतंकवादी तत्व पंजाब के बाद अब हरियाणा में भी माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो तत्व पहले पंजाब में खालिस्तान और पाकिस्तानी एजेंडे के तहत अमृतपाल का समर्थन करते थे, वे अब हरियाणा में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने हरियाणा के डीजीपी, अंबाला के एसपी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को चेतावनी दी है। कहा कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो शिवसेना आंदोलन करेगी। न्याय के लिए पार्टी कार्यकर्ता हरियाणा या दिल्ली के जंतर-मंतर तक प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे। घनौली के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही हरियाणा के डीजीपी से मिलकर इस मामले पर जवाब मांगेगा।
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