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विदेश में बैठकर रंगदारी का नेटवर्क चला रहा था मिट्‌टू:साइप्रस से भारत लाया गया; हिसार महिंद्रा शोरूम फायरिंग का है मास्टरमाइंड




हरियाणा पुलिस की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने साइप्रस में छिपे काला खैरामपुर गैंग के सक्रिय सदस्य दिनेश उर्फ मिट्‌टू को डिपोर्ट कराकर भारत वापस लाया है। 29 वर्षीय दिनेश उर्फ मिट्टू हिसार जिले के आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव खैरामपुर का रहने वाला है। वह काला खैरामपुर गैंग का करीबी सहयोगी माना जाता है। पुलिस के अनुसार, करीब 38 सदस्यों वाले इस गैंग के सरगना के खिलाफ हत्या, टारगेट किलिंग, हत्या के प्रयास, रंगदारी, संगठित अपराध और अवैध हथियारों के इस्तेमाल जैसे 26 गंभीर मामले दर्ज हैं। गैंग की गतिविधियां हरियाणा के कई जिलों के अलावा राजस्थान तक फैली हुई हैं। साइप्रस से चलाता था रंगदारी का नेटवर्क प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दिनेश उर्फ मिट्टू काला खैरामपुर और हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़ा हुआ था। वह साइप्रस में रहते हुए अवैध “डब्बा कॉलिंग” नेटवर्क के जरिए व्यापारियों और अन्य लोगों को धमकी भरे फोन करवाकर रंगदारी वसूलने का काम करता था। इस तकनीक का इस्तेमाल गैंग सरगनाओं और सदस्यों की पहचान व लोकेशन छिपाने के लिए किया जाता था, ताकि वे विदेश में बैठकर भी कानून की पकड़ से बच सकें। महिंद्रा शोरूम फायरिंग का मास्टरमाइंड एसटीएफ के मुताबिक दिनेश उर्फ मिट्‌टू वर्ष 2024 में हिसार स्थित महिंद्रा शोरूम पर रंगदारी के उद्देश्य से हुई फायरिंग का प्रमुख षड्यंत्रकारी था। इस मामले में थाना सिटी हिसार में एफआईआर संख्या 299, दिनांक 24 जून 2024 दर्ज की गई थी। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत ओपन डेटेड गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। 2020 में छोड़ दिया था भारत जांच में खुलासा हुआ कि मिट्‌टूवर्ष 2020 में भारत छोड़कर साइप्रस भाग गया था। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए एसटीएफ ने लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी कराया। भारतपोल के माध्यम से इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के लिए भी आवेदन भेजा गया और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया। बाद में साइप्रस में उसकी मौजूदगी की पुष्टि होने पर उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके बाद 12 जून 2026 को उसे सफलतापूर्वक भारत डिपोर्ट कर लिया गया। युवाओं को गैंग में शामिल करने की जिम्मेदारी पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मिट्टू नए युवाओं और अपराधियों को गैंग में भर्ती करने का काम करता था। वह गैंग के शीर्ष नेतृत्व और जमीनी स्तर पर सक्रिय अपराधियों के बीच संपर्क सूत्र की भूमिका निभाता था तथा विभिन्न आपराधिक गतिविधियों का समन्वय करता था।



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