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अमृतसर के जंडियाला गुरु में एक अनोखी पदयात्रा चर्चा का विषय बनी। हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा निवासी सुनील राठौर, शहीद जसवंत सिंह खालड़ा को श्रद्धांजलि देने और उनके मानवाधिकारों के लिए किए गए संघर्ष से लोगों को अवगत कराने के उद्देश्य से पैदल यात्रा करते हुए जंडियाला गुरु पहुंचे। उनकी इस पहल का स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सुनील राठौर ने अपनी यात्रा 12 जुलाई को हरियाणा से शुरू की थी। पूरी यात्रा के दौरान वह अपने कंधों पर एक विशेष बोर्ड लेकर चल रहे हैं, जिस पर शहीद जसवंत सिंह खालड़ा के संघर्ष और हजारों लापता लोगों के मामलों को उजागर करने की जानकारी प्रदर्शित की गई है। उनका कहना है कि इस यात्रा का मकसद लोगों, खासकर युवाओं को खालड़ा के जीवन, उनकी कुर्बानी और मानवाधिकारों के लिए किए गए संघर्ष से परिचित कराना है। पत्रकारों से बातचीत में सुनील राठौर ने बताया कि वह पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म “सतलुज” से प्रेरित हुए। इसके बाद उन्होंने इंटरनेट के माध्यम से जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई। इसी अध्ययन ने उन्हें यह पदयात्रा शुरू करने के लिए प्रेरित किया। सुनील राठौर ने बताया कि वह सबसे पहले श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकेंगे। इसके बाद वह शहीद जसवंत सिंह खालड़ा के पैतृक गांव पहुंचकर अपनी पदयात्रा का समापन करेंगे। उन्होंने कहा कि शहीद जसवंत सिंह खालड़ा की कुर्बानी और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए उनके संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। फिलहाल, हरियाणा से शुरू हुई यह पदयात्रा अमृतसर पहुंच चुकी है। अब इसका अंतिम पड़ाव शहीद जसवंत सिंह खालड़ा का पैतृक गांव होगा, जहां सुनील राठौर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ अपनी पदयात्रा का विधिवत समापन करेंगे।
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हरियाणा से पैदल अमृतसर पहुंचे सुनील राठौर:शहीद जसवंत सिंह खालड़ा को श्रद्धांजलि देने निकले, पैतृक गांव में करेंगे यात्रा का समापन







