फरीदाबाद में फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस बनवाने और हथियार दिलाने के नाम पर लाखों रुपए हड़प कर फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर देने का मामला सामने आया है। तिगांव थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी ओमबीर, राजेश कुमार और अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गांव जाजरु निवासी मनीष डागर ने सहायक पुलिस आयुक्त तिगांव को दी शिकायत में बताया कि उसका छोटा भाई कुलवंत डागर वर्ष 2015 से भारतीय सेना में कार्यरत है और वर्तमान में पठानकोट, पंजाब में तैनात है। मनीष के अनुसार, उसके चचेरे भाई नवीन डागर के माध्यम से उनकी पहचान फतेहपुर बिल्लौच निवासी ओमबीर से हुई, जिसने खुद को भी सेना में कार्यरत बताया था। ऑनलाइन ट्रांसफर किए रुपए शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ओमबीर ने भरोसा दिलाया कि वह अपने जानकारों के जरिए आसानी से शस्त्र लाइसेंस बनवा देगा। साथ ही उसने यह भी कहा कि लाइसेंस बनने के बाद हथियार केवल उसके बताए हुए न्यू पंजाब गन हाउस, फाजिल्का, पंजाब से ही खरीदना होगा। आरोप है कि ओमबीर की बातों में आकर कुलवंत डागर ने उसके खाते में दो किस्तों में कुल 95 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए। शिकायत के अनुसार, पहली किस्त 4 नवंबर 2025 को 50 हजार रुपए और दूसरी किस्त 3 मार्च 2026 को 45 हजार रुपए फोन-पे के माध्यम से भेजे गए। फाजिल्का से खरीदवाई पिस्टल मनीष डागर ने आरोप लगाया कि ओमबीर ने कुलवंत के दस्तावेज लेकर फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस तैयार करवाया और राजेश कुमार निवासी न्यू तहसील कॉम्प्लेक्स, पुराना अबोहर रोड, फाजिल्का पंजाब के माध्यम से हथियार उपलब्ध करवाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि लाइसेंस बनने के बाद उनसे न्यू पंजाब गन हाउस से करीब 3 लाख 55 हजार रुपए की वेबली 30 पिस्टल भी खरीदवाई गई। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि इसी तरह 5 से 6 अन्य लोगों के भी पंजाब से लाइसेंस बनवाए गए हैं। इतना ही नहीं, करीब 54 लोगों से शस्त्र लाइसेंस बनवाने के नाम पर पैसे लेने की बात सामने आई है। बाद में शिकायतकर्ताओं को जानकारी मिली कि पूरा काम फर्जी तरीके से किया गया और लोगों से धोखाधड़ी कर मोटी रकम वसूली गई। पुलिस ने केस दर्ज किया पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि तिगांव थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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फरीदाबाद में सेना के जवान से लाखों हड़पे:फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर दिया, पंजाब से खरीदवाई पिस्टल, आरोपियों पर FIR
