फतेहाबाद में नगर परिषद कर्मचारी आज दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। सफाईकर्मी भी काम पर नहीं लौटे हैं। इस कारण शहर में करीब 80 टन कचरा जमा हो गया है। डाेर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाली गाड़ियां भी गली-मोहल्लों में नहीं पहुंची। इस कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। बता दें कि, शुक्रवार को भी नप कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। नगरपालिका कर्मचारी संघ ने प्रदेशव्यापी दो दिन की हड़ताल का ऐलान किया हुआ है। इसी के तहत पूरे जिले में निकाय कर्मचारियों ने हड़ताल में भागीदारी की। नगर परिषद प्रशासन के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं होने के कारण शहर के प्रमुख रास्तों पर कचरे के ढेर लग गए। वहीं, नगर परिषद में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर प्रॉपर्टी टैक्स भरने का काम तक प्रभावित रहा। जानिए… कर्मचारी नेताओं ने क्या कहा कर्मचारी नेता रमेश तुषामढ़ ने कहा कि सरकार से बार-बार कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का आग्रह किया गया है। मगर सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। हर कर्मचारी समान काम-समान वेतन की मांग कर रहा है। इस बारे में कोर्ट भी अपना फैसला दे चुकी है। मगर सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने कहा कि जब तक ठेका प्रथा समाप्त नहीं होती और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। सरकार कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाने के बजाय दमनकारी नीतियां अपना रही है, जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। हड़ताल की वजह से ये काम रहे प्रभावित कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई, कूड़ा-कचरा प्रबंधन, पार्कों की सफाई, सार्वजनिक रास्तों की सफाई बाधित हो गई है। वहीं, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने आने वालों को खाली हाथ लौटना पड़ा। प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच भी बंद होने से लोग टैक्स भी नहीं भर पाए। हड़ताल से कामकाज बाधित हुआ-ईओ नगर परिषद के ईओ सुरेश चौहान ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कामकाज प्रभावित हुआ है। वैकल्पिक प्रबंध कर पाना भी मुश्किल है। सोमवार को ही व्यवस्था सुचारू हो पाएगी।
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