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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पानीपत के उरलाना कलां में साल 2018 में हुए 12 वर्षीय बच्ची के अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस रमेश चंदर डिमरी की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दो दोषियों (प्रदीप और सागर उर्फ कल्लू) को सुनाई गई फांसी की सजा को रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश आरोपियों को दोषमुक्त (बरी) करने के लिए नहीं, बल्कि प्रक्रियागत त्रुटियों को दूर कर निष्पक्ष और कानून सम्मत सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए दिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने केस को वापस सत्र अदालत (ट्रायल कोर्ट) भेज दिया है। 13 जनवरी 2018 को हुई थी दरिंदगी मामला 13 जनवरी 2018 की शाम का है, जब उरलाना कलां की रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची शाम करीब 6 बजे घर से कूड़ा फेंकने निकली थी। आरोप है कि प्रदीप और सागर उर्फ कल्लू उसे जबरन अगवा कर प्रदीप के घर ले गए, जहां उन्होंने मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद 18 फरवरी 2022 को ट्रायल कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या, सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद फांसी की पुष्टि के लिए मर्डर रेफरेंस और दोषियों की अपील हाईकोर्ट में लंबित थी। पुलिस अधिकारियों की घोर लापरवाही आई सामने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पाया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से लिखा था कि यौन उत्पीड़न के संबंध में अंतिम राय FSL और रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद दी जाएगी। बाद में आई FSL रिपोर्ट में पीड़िता के वैजाइनल स्वैब और स्लाइड पर मानव वीर्य मिलने की पुष्टि भी हुई थी, लेकिन पुलिस ने यह रिपोर्ट डॉक्टरों को भेजकर उनकी अंतिम चिकित्सकीय राय कभी हासिल ही नहीं की। हाईकोर्ट ने इसे जांच अधिकारी, SHO और पर्यवेक्षण अधिकारियों की घोर लापरवाही करार दिया। पीड़िता के परिवार के साथ न्याय के लिए री-ट्रायल जरूरी खंडपीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इतने संगीन और जघन्य अपराध में अदालत मूकदर्शक बनकर ऐसी बड़ी जांच चूक को नजरअंदाज नहीं कर सकती। यदि केवल प्रक्रियागत त्रुटियों के आधार पर आरोपियों को बरी कर दिया जाए, तो यह पीड़िता और उसके परिवार के साथ गंभीर अन्याय होगा। अदालत ने माना कि इस चूक को सुधारा जा सकता है, इसलिए मामले को उसी चरण से री-ट्रायल के लिए भेजा जा रहा है जहां से चूक हुई थी।
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