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हरियाणा के हिसार जिले में पूर्व सरपंच नरेश पूनिया ने अपने दो बेटों अजय और विजय की सगाई मात्र एक रुपए के शगुन में कर दी। उनका एक बेटा नेवी में है, जबकि दूसरा प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है। दोनों की होने वाली लाइफ पार्टनर अंजू और स्वीटी भी एजुकेटेड है। बुधवार को दोनों की रिंग सेरेमनी प्रोग्राम था। दोनों लड़कियों के पक्ष वालों ने इसकी पूरी तैयारी कर रखी थी। जब रिंग सेरेमनी का टाइम आया तो पूर्व सरपंच ने शगुन में सिर्फ एक रुपया लेने की घोषणा की तो हर कोई उनकी तारीफ करता नजर आया। पूर्व सरपंच ने कहा- बहू बनकर हमारे घर आने वाली बेटियां ही हमारी सबसे बड़ी दौलत हैं, इससे बड़ा कोई दहेज नहीं हो सकता। पिता की बात का समर्थन करते हुए दोनों बेटों ने भी कहा कि दहेज प्रथा, फिजूलखर्ची और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ यह एक प्रेरणादायक संदेश है। यहीं वजह रही कि पूरे समारोह में सादगी, पारिवारिक सौहार्द और सामाजिक सरोकारों की झलक देखने को मिली। पूर्व सरपंच के बेटों की सगाई की PHOTO.. यहां जानिए रिंग सेरेमनी प्रोग्राम में क्या-क्या हुआ… बेटियों को सम्मान देना ही सबसे बड़ा संस्कार रिंग सेरेमनी के बाद पूर्व सरपंच ने कहा कि आज समाज को दहेज और फिजूलखर्ची छोड़कर बेटियों की शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता पर ध्यान देना चाहिए। जब बेटियां शिक्षित और सक्षम होंगी, तभी समाज वास्तविक रूप से प्रगतिशील बन सकेगा। समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और सामाजिक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने नवयुगलों को शुभाशीष दिया तथा पूर्व सरपंच नरेश पूनिया की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। दोनों परिवारों ने नवयुगलों को दिया आशीर्वाद रिंग सेरेमनी समारोह में अंजू के पिता एवं गांव बिठमड़ा के पूर्व सरपंच बिंदर सिंह अपने परिवार सहित उपस्थित रहे। वहीं, भकलाना निवासी स्वीटी के पिता शीलू भी अपने परिजनों के साथ समारोह में शामिल हुए। दोनों परिवारों ने नवयुगलों को सुखद एवं सफल वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान दोनों परिवारों के बीच आत्मीयता, सादगी और पारिवारिक सौहार्द का वातावरण देखने को मिला। पहले भी एक रुपए के भात देकर दिया था सामाजिक संदेश इस अवसर पर अंजू के पिता एवं गांव बिठमड़ा के पूर्व सरपंच बिंदर सिंह धतरवाल ने बताया कि उन्होंने अपनी दूसरी बेटी के विवाह के समय भी समाज को सकारात्मक संदेश देने के लिए भात की रस्म मात्र एक रुपए में पूरी करवाई थी। उन्होंने कहा कि आजकल भात के नाम पर लाखों रुपए खर्च करने की परंपरा बढ़ती जा रही है, जिससे कई परिवारों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। इसी कुरीति को समाप्त करने के उद्देश्य से उन्होंने उस समय भी केवल एक रुपये का भात स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि अब उनकी दूसरी बेटी की सगाई में भी रिश्तेदारों द्वारा केवल एक रुपये में सगाई की रस्म निभाना समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है। इससे दहेज प्रथा, दिखावे और फिजूलखर्ची जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी तथा सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा मिलेगा। ————————– ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा के फार्मासिस्ट ने ₹1 रुपए में शादी की:दुल्हन अभी पढ़ रही, पिता अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर, रिश्ता होते ही दहेज नकारा हरियाणा के नारनौल में फार्मासिस्ट ने एक रुपए में शादी की है। शादी से पहले ही दूल्हा पक्ष ने दुल्हन पक्ष को कह दिया था कि वह दहेज में कुछ नहीं लेंगे। सिर्फ एक रुपए में वह बहू को अपने घर लेकर जाएंगे। नवीन प्राइवेट कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) हैं। उनके पिता हवा सिंह यादव प्राइवेट अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
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