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डबवाली में ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल पर जड़ा ताला:हेड टीचर के तबादले, जर्जर पेड़ हटाने की मांग, प्राचार्य ने दिया कार्रवाई का आश्वासन




सिरसा जिले के डबवाली उपमंडल के गांव अलीका स्थित राजकीय मिडल स्कूल में बुधवार को ग्रामीणों, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों और अभिभावकों ने हेड टीचर की कार्यशैली के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने हेड टीचर का तबादला करने और स्कूल परिसर में खड़े जर्जर सफेदे के पेड़ों को हटाने की मांग की। बुधवार सुबह सरपंच मलकीत सिंह, एसएमसी सदस्य गुरविंदर सिंह नंबरदार और अन्य ग्रामीणों के नेतृत्व में सैकड़ों लोग स्कूल पहुंचे। उन्होंने बच्चों को स्कूल के बाहर रोककर मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और स्कूली बच्चे शामिल थे। धरने की सूचना मिलने पर डबवाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य लक्ष्मण दास नाहर और शहर थाना प्रभारी अवतार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं। प्राचार्य ने ग्रामीणों को दिया लिखित आश्वासन काफी देर तक चली वार्ता के बाद, प्राचार्य ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि हेड टीचर के तबादले की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर स्कूल का ताला खोल दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल की हेड टीचर राजेंद्र कौर का विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों के प्रति व्यवहार सहयोगात्मक नहीं है। उनका कहना है कि इस कारण लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। ग्रामीणों ने बच्चों और स्कूल के बेहतर माहौल को देखते हुए हेड टीचर के तबादले की मांग की है। जर्जर सफेदे के पेड़ों से हादसे का खतरा प्रदर्शनकारियों ने बताया कि स्कूल परिसर में करीब 60 पुराने सफेदे के पेड़ दीमक लगने के कारण खोखले हो चुके हैं। पहले भी कई पेड़ गिर चुके हैं और एक शिक्षक बाल-बाल बच चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग सर्वे कर चुका है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पेड़ों को नहीं हटाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अनुमति मिलने पर वे स्वयं हजारों नए पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करेंगे। प्राचार्य का आश्वासन प्राचार्य लक्ष्मण दास नाहर ने कहा कि ग्रामीणों की सभी शिकायतों की जांच कराई जाएगी। हेड टीचर के तबादले सहित अन्य मांगों को संबंधित अधिकारियों तक भेजकर शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा। लिखित आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर स्कूल का गेट खोल दिया गया। हेड टीचर ने आरोपों को बताया निराधार हेड टीचर राजेंद्र कौर ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह व्यक्तिगत रंजिश के तहत की जा रही कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी विद्यार्थी, अभिभावक या ग्रामीण के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। बच्चों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और जर्जर पेड़ों को हटाने के लिए वह लगातार संबंधित विभागों से पत्राचार कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के कारण बिना कानूनी अनुमति के पेड़ों की कटाई संभव नहीं है।



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