चंडीगढ़ पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए चंडीगढ़ कोर्ट ने जांच अधिकारी के खिलाफ अवमानना कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मामला एक महिला से बदसलूकी, धमकी और रंगदारी मांगने से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बावजूद दो साल तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अदालत ने कहा कि पुलिस का रवैया बेहद लापरवाह है और यह न्यायिक प्रक्रिया का स्पष्ट दुरुपयोग है। कोर्ट ने साफ किया कि 13 अप्रैल 2024 को दिए गए आदेशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित आईओ के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। जानिए क्या है पूरा मामला
यह मामला पंजाब की एक म्यूजिक कंपनी के मालिक की पत्नी से जुड़ा है। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने साल 2021 में हरियाणा निवासी गायक गुनदीप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। आरोप था कि उसने महिला से बदसलूकी की, धमकियां दीं और पैसे की मांग की। हालांकि, पुलिस ने 2023 में इस मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी, जिसका पीड़ित महिला ने विरोध किया। इसके बाद अदालत ने 13 अप्रैल 2024 को मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए थे और स्पष्ट कहा था कि जांच किसी महिला पुलिस अधिकारी से कराई जाए। कोर्ट के आदेशों की अनदेखी
पीड़ित पक्ष के वकील दीक्षित अरोड़ा के अनुसार, पुलिस ने जानबूझकर मामले में देरी की और आरोपी को बचाने की कोशिश की। अदालत के आदेश के बावजूद दो साल तक न तो दोबारा जांच पूरी की गई और न ही महिला पुलिस अधिकारी को जांच सौंपी गई। इस पर चंडीगढ़ जिला अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस को फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि पुलिस का रवैया लापरवाह है और ऐसा लगता है कि उसे कोर्ट के आदेशों की कोई परवाह नहीं है। परफॉर्मेंस ठीक न होने पर विवाद
शिकायत के मुताबिक, अगस्त 2017 में गायक गुनदीप सिंह महिला के पास गाना रिकॉर्ड कराने आया था। परफॉर्मेंस ठीक न होने पर विवाद हो गया। इसके बाद आरोपी ने महिला को धमकाना शुरू कर दिया और बदनाम करने की धमकी देकर पैसे मांगे। महिला के पति ने करीब 1.80 लाख रुपए भी दिए, लेकिन आरोपी नहीं माना और सोशल मीडिया पर बदनाम करने लगा। 2 जनवरी 2021 को उसने लाइव आकर महिला के खिलाफ अपशब्द कहे और धमकियां दीं। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई।
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