जजपा सुप्रीमो अजय सिंह चौटाला आज शनिवार को सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल से मिलने पहुंचे। सोनीपत जिले के धनाना आश्रम में अजय रामपाल से बोले कि आर्शीवाद लेने आए हैं। इस पर आश्रम प्रमुख रामपाल ने अजय चौटाला से कहा कि आप इतनी बड़ी हस्ती यहां पर पहुंचे और आर्शीवाद तो सारा ए है मेरा। मैं सारा ए आपका हूं, आर्शीवाद क्या रह गया। इसके बाद अजय चौटाला ने कहा कि हम आपके आश्रम की जिस दिन स्थापना हुई थी, उस दिन भी आए थे। तब यहां पर यहां पंडाल लगा था और काम चल रहा था। ये मेरा 10वां राउंड है। मैं आपकी गैरमौजूदगी में भी आता रहा हूं। रामपाल बोले कि ये आपका आश्रम है। जब चाहे आओ, आते रहिए। अजय चौटाला बोले, हम रोहतक में कबीर जंयती पर कार्यक्रम कर रहे हैं। दो दिन बाद प्रोग्राम है। इस पर रामपाल बोले, हां करो, हम तो कबीर जी के ही हैं। बहुत खुशी हुई कि आप हमारे ईष्ट को इतना सम्मान देंगे। मिलते रहा करो, आपके आने से बहुत खुशी हुई। अजय चौटाला ने जेल यातनाओं का किया जिक्र अजय चौटाला ने प्रमुख रामपाल से पहले स्वास्थ्य का हाल पूछा। उन्होंने जेल यातनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि काया कष्ट होती है, वो तो आपने भी काटा और हमने भी काटा। इस पर रामपाल बोले, ये तो चौधरी साहब ने भी काटा और चौ. देवीलाल जी ने भी काटा। कुछ करने के लिए, ये संघर्ष तो करने पड़ते हैं। हाथ पर हाथ धरे कुछ काम नहीं बनता। हमने तो संघर्ष किया है और अब सच सबके सामने भी आ गया है। सत्संग पराजित नहीं होता। बता दें कि इससे पहले जजपा नेता दिग्विजय चौटाला भी रामपाल से मिलने आए थे। रामपाल ने जनसेवा कार्य बताए और कहा-हमने दर्द पकड़ा आश्रम प्रमुख रामपाल सेवादारों से बोले कि नेता जी को पूरा आश्रम दिखाओ, महान हस्ती आई है। यहां आते रहिए। रामपाल ने किसान और मजदूर हित में चलाई हुई 10 से 12 जन सेवा कार्यों के बारे में बताया। अजय चौटाला बोले, पिछले साल बाढ़ के दौरान हरियाणा में जो जरूरतमंद लोगों की आपने मदद की है, वो कोई नहीं कर सकता। सरकार भी नहीं कर सकती। अचानक ये हालात हुए और जो सरकार नहीं कर पाई, वो आपने किया। आपने पाइप आदि के जरिए पानी की निकासी करवाई। इस पर रामपाल बोले- इस बार उन किसानों को पहले ही पाइप व मोटर उपलब्ध करवा दी हैं, जिनके यहां बाढ़ आने से 50 प्रतिशत फसल खराब हो जाती थी। हमने लोगों का दर्द पकड़ा है। सिरसा में बड़े-बड़े आश्रम, वो कोई नहीं कर रहा अजय चौटाला ने मीडिया को दिए बयान में कहा, इन्होंने (रामपाल) जो जनहित के काम किए हैं, वो कोई नहीं कर सकता। समाज के हित के निर्णय है, वो बड़ी बात है। आश्रम तो हमारे सिरसा में भी बहुत हैं। कहीं राधा स्वामी का बड़ा आश्रम है, कहीं सिरसा डेरा सच्चा सौदा का तो, कहीं तारा बाबा कुटिया या कोई और। लेकिन जो जनसेवा के निर्णय है, वो सबसे बड़ी चीज है। वो और कोई नहीं कर रहा। सजा काटने पर अजय बोले, मैंने स्वयं ने कायाकष्ट भोगा है, न केवल मेरे दादा जी ने बल्कि उन्होंने तो ज्यादा सजा काटी होगी। मैं तो 10 साल की सजा काटकर आया हूं और बिना मतलब काटकर आया हूं।
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