शहीद के घर पर विलाप करते हुए परिजन। इनसेट में नायक सरबजीत सिंह की फाइल फोटो।
रोपड़ के रहने वाले नायक सरबजीत सिंह लद्दाख के लेह में शहीद हो गए। वह अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में तैनात थे, जहां ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उनका निधन हो गया। आज उसकी पर्थिव देह को पैतृक गांव बिंद लगा गया है।
.
जहां पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पिता ने कहा कि 25 जनवरी को ही सरबजीत की शादी हुई थी। शादी के बाद वह पहली बार छुट्टी लेकर घर आने वाला था। बहू के हाथों का चूड़ा भी अभी नहीं उतरा था कि सिर से सिंदूर का साया उठ गया।

घर पर विलाप करते हुए परिजन।
अधिक ऊंचाई वाले इसके में तैनात थे
नायक सरबजीत सिंह (31) रोपड़ के नजदीकी गांव बिंद रख के रहने वाले थे। लेह के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में तैनाती के दौरान अचानक ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद 16 जून को उनका निधन हो गया। वह पंजाब आर्म्ड रेजिमेंट में तैनात थे।
दादा भी फौज में थे, जनवरी में हुई थी शादी
शहीद सरबजीत सिंह के पिता दर्शन सिंह ने बताया कि उनके परिवार का सेना से पुराना वास्ता है, सरबजीत के दादा भी फौजी थे। उन्होंने बताया कि इसी साल 25 जनवरी 2026 को सरबजीत की शादी हुई थी। शादी के बाद वह पहली बार छुट्टी लेकर घर आने वाला था। नवविवाहिता पत्नी के हाथों का चूड़ा भी अभी नहीं उतरा था कि सिर से सिंदूर का साया उठ गया। शहीद के परिवार में उनके बुजुर्ग पिता, माता और पत्नी हैं।
पत्नी से आखिरी बात, कहा- सिर दर्द हो रहा है
परिजनों ने बताया कि सरबजीत सिंह आखिरी बार अपनी शादी के समय जनवरी में घर आया था। शहीद की मां ने बताया कि परसों उनकी बेटे से बात हुई थी, तब उसने खुद को बिल्कुल ठीक बताया था। वहीं, कल सुबह सरबजीत की अपनी पत्नी से फोन पर आखिरी बार बात हुई थी। बातचीत के दौरान सरबजीत ने कहा था- मेरा सिर बहुत दर्द हो रहा है, मैं दवाई लेकर थोड़ी देर में बात करता हूं। लेकिन उसके बाद परिवार को उसकी शहादत की खबर ही मिली।
**************
ये खबर भी पढ़ें:
मानसा में अग्निवीर जवान की मौत: फरीदकोट में तैनात था, 2 दिन पहले छुट्टी पर घर आया, सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में संस्कार

मानसा में सोमवार को सड़क हादसे में एक अग्निवीर जवान की मौत हो गई। फरीदकोट में उसकी तैनाती थी। वह 5 साल पहले भर्ती हुआ था और दो दिन पहले ही छुट्टी पर घर आया था। मृतक जवान की पहचान मानसा जिले के गांव मंडेरना के रहने वाले बलवीर सिंह के रूप में हुई है। (पढ़ें पूरी खबर)







