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केंद्र सरकार पंजाब में नवंबर-दिसंबर में करवा सकता है चुनाव:सीएलपी बदलाव पर बाजवा बोले-मुझे इसकी जानकारी नहीं; एक मंच पर पूरी लीडरशिप




पंजाब में 2027 में होने वाले चुनाव से ठीक पहले दिल्ली में राज्य के हालात और पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी को खत्म करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी के 3 ऑब्जर्वर आज (17 जून) को लगातार दूसरे दिन भी पार्टी के विधायकों व पूर्व विधायकों से फीडबैक ले रहे हैं। यह प्रक्रिया कल तक चलेगी। इसके बाद ऑब्जर्वर्स की तरफ से अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंप दी जाएगी। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस 2027 में होने वाले चुनाव से पहले नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपेगी। इस दौरान ऑब्जर्वर्स कोशिश कर रहे हैं कि हर नेता को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए। वहीं, इस मौके सभी नेताओं ने दावा किया कांग्रेस एकजुट है। हालांकि मीटिंग के बाद सीएलपी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने जो मीटिंग में विचारों का आदान-प्रदान हुआ है, वह तो मैं आपको बता नहीं सकता हूं। लेकिन कांग्रेस की बेहतरी के लिए चर्चा हुई है। यह समय बहुत क्रूशियल है। समय बहुत थोड़ा रह गया है। पता चला है कि केंद्र सरकार इलेक्शन कमीशन के जरिए चुनाव थोड़े जल्दी करवाना चाहती है। नवंबर या दिसंबर में इसके प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में मैं यह कहकर आया हूं कि जो भी करना है, उसके बारे में फैसला जल्दी लिया जाना चाहिए। सारी लीडरशिप इकट्ठी होकर चल रही है। सीएलपी बदलाव को लेकर उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में पता नहीं है। महाराजा रणजीत सिंह ने भी फैसले को सिर झुकाकर माना वहीं, उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब हमारी सिरमौर संस्था है। महाराजा रणजीत सिंह ने भी उसके फैसले को सिर झुकाकर माना था। भगवंत मान को मैं राय देना चाहता हूं कि जो आपकी वीडियो है, पहले आपने उसे एआई बताया था। जत्थेदार के मुताबिक वह दो लैब में सही पाई गई है। इससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। ऐसे में आप त्यागपत्र दे दें। केजरीवाल साहिब ने इसे राजनीतिक रंगत नहीं देनी चाहिए। वन टून वन चल रही हैं मीटिंग कांग्रेस के ऑब्जर्वर्स ने इंदिरा भवन में सांसदों, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्षों और पूर्व मंत्रियों समेत वरिष्ठ नेताओं से वन-टू-वन बातचीत कर उनकी राय जानी जा रही । मौजूदा विधायकों, पूर्व विधायकों और जिला कांग्रेस अध्यक्षों से कल और परसों मुलाकात की जाएगी। ऑब्जर्वर्स से मिलने वाले नेताओं में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, डॉ. अमर सिंह, गुरजीत सिंह औजला, डॉ. धर्मवीर गांधी और पूर्व पीपीसीसी प्रमुख शमशेर सिंह दूलो शामिल रहे। काफी अहम मानी जा रही रिपोर्ट सूत्रों के अनुसार, ऑब्जर्वर्स की यह कवायद पंजाब में पार्टी की जमीनी स्थिति का आकलन करने और हाईकमान को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की बड़ी प्रक्रिया का हिस्सा है पंजाब कांग्रेस लंबे समय से गुटबाजी की समस्या से जूझ रही है। पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और चरणजीत सिंह चन्नी से जुड़े गुट अक्सर अलग-अलग दिशा में खींचतान करते रहे हैं। 2022 में गुटबाजी से 77 से 18 में सिटी थी पार्टी 2017 के चुनाव में कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में 77 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी, लेकिन 2022 के चुनाव में पार्टी भारी नुकसान उठाते हुए मात्र 18 सीटों पर सिमट गई। इस ऐतिहासिक हार के मुख्य कारणों में नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन के बीच की चरम गुटबाजी, चुनाव से ऐन वक्त पहले मुख्यमंत्री बदलना, चरणजीत सिंह चन्नी और सिद्धू का आपसी टकराव, टिकट वितरण में कमियां और आम आदमी पार्टी (AAP) का एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरना शामिल रहा। मीटिंग के बाद क्या बोले कांग्रेस नेता कांग्रेस पार्टी एकजुट है इस मौके पूर्व डिप्टी सीएम व कांग्रेस के नेता ओपी सोनी ने दिल्ली में 20027 में पंजाब में इलेक्शन है। कांग्रेस पार्टी एकजुट है। हम इकट्‌ठे होकर इलेक्शन लड़्रेंगे। हमारी कांग्रेस पार्टी की सरकार पंजाब में बनेगी। बीजेपी की कोई मौजूदगी नहीं काग्रेस नेता सुखविंदर सिंह डैनी ने कहा, पंजाब में भाजपा की कोई मौजूदगी नहीं है। वहां सिर्फ कांग्रेस की मौजूदगी है। कांग्रेस ही जीत हासिल करेगी। पंजाब के लोगों ने मन बना लिया है कि वे कांग्रेस को आगे लाना चाहते हैं। कांग्रेस ही वह पार्टी है जो पंजाब में बेहतर शासन और कानून-व्यवस्था दे सकती है।” आम आदमी के शासन में बुरे हाल बन चुके है। लोग चाहते है कि कांग्रेस पार्टी आगे आए और सरकार बनाए। पार्टी एकजुट है: राजिंदर कौर कांग्रेस की पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्‌ठल ने कांग्रेस हाईकमान से मुलाकात के बाद कहा, “कुछ महीनों में चुनाव आने वाले हैं। उनकी तैयारी के लिए हम बैठकें कर रहे हैं। आज पंजाब के लोगों के सामने कई मुद्दे हैं, लेकिन सत्ता में कोई भी पार्टी हो, उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, सभी अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने में व्यस्त हैं। निकट भविष्य में एकजुट कांग्रेस पार्टी चुनावी लड़ाई लड़ेगी और पंजाब में सरकार बनाएगी।”



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