हिमाचल में मानसून की ऑफिशियल एंट्री मंगलवार को हो गई है। हालांकि सिरमौर के बजाय इस बार मानसून किन्नौर और लाहौल स्पीति के जरिए पहुंचा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के साथ हिमाचल में
.
वहीं, पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की एंट्री अगले 3 से 4 दिन में होगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिन दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा की ओर बढ़ने के लिए परिस्थिति अनुकूल है। इससे 2 से 6 जुलाई के दौरान पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश हो सकती है।
पंजाब-चंडीगढ़ में मानसून से जुड़े बड़े अपडेट्स:-
- 30 जून को हिमाचल तक पहुंचा मानसून: मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 30 जून यानी आज मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष भागों, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों में आगे बढ़त दर्ज की है।
- 3-4 दिनों में पंजाब-चंडीगढ़ तक पहुंचेगा: अगले 3-4 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूरे दमन एवं दीव, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर तथा हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
- 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट: मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में 2 से 4 जुलाई तथा 6 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। चंडीगढ़ में 2 से 6 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
हिमाचल में किन्नौर-लाहौल स्पीति के रास्ते आया मानसून
हिमाचल के मौसम विज्ञानी संदीप शर्मा ने बताया कि आमतौर पर मानसून उत्तराखंड के रास्ते सिरमौर जिला में प्रवेश करता था। मगर इस बार मानसून की एंट्री थोड़ी चेंज है। मानसून ने दस्तक के साथ ही किन्नौर और लाहौल स्पीति जिला को भी कवर कर लिया है। हालांकि मानसून तय तारीख से 8 दिन लेट पहुंचा है।
शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिलों के कुछ हिस्सों में भी मानसून की एंट्री हो गई। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 2-3 दिन में राज्य के ज्यादातर भागों को कवर कर लेगा। अगले 4-5 दिनों में कुछ जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
2 से 5 जुलाई तक बरसात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में 6 जुलाई तक बरसात का दौर जारी रहेगा। IMD ने खराब मौसम के दौरान लोगों को लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के आसपास और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। इस दौरान कई भागों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती है।
बिजली की मांग 16,200 मेगावाट तक पहुंची
मौसम संबंधी स्थिति के बीच बिजली की मांग आज सुबह 16,200 मेगावाट तक पहुंच गई, जो इस समय घटकर 15,686 मेगावाट रह गई है। इसमें से 10,484 मेगावाट बिजली केंद्रीय पूल से खरीदी जा रही है, जबकि पंजाब में लगभग 5,200 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। CM भगवंत मान ने धूरी में कहा कि सरकार के पास बिजली पूरी है, कहीं कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰
यह खबर भी पढ़ें…
हिमाचल में 8 दिन की देरी से पहुंचा मानसून:2 से 5 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
दक्षिण-पश्चिम मानसून आज (30 जून) 8 दिन की देरी के बाद हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहुंच गया। मानसून ने पूरे किन्नौर जिला, कुल्लू व लाहौल-स्पीति के अधिकांश भागों, शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिलों के कुछ हिस्सों को कवर कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…
