सिरसा जिले के सरकारी स्कूलों में भवनों की स्थिति को लेकर शिक्षा विभाग गंभीर है। मुख्यमंत्री स्तर पर हुई समीक्षा और मुख्यालय के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद को शिक्षा विभाग की टीम ने गांव भरोखा और खैरपुर के राजकीय स्कूलों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खैरपुर के 12 कमरों को कंडम घोषित कर दिया गया। ऐसे में 1 जुलाई से स्कूल खुलने से पहले छात्रों के बैठने की व्यवस्था को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है। निरीक्षण टीम में जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष फुटेला, समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक कृष्ण कुमार, बीईओ सरसा रमेश कुमार, एसडीओ मनमीत सिंह और विभागीय जेई शामिल थे। हालांकि, मुख्यालय से एक विशेष टीम के आने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन वह टीम मौके पर नहीं पहुंची। वर्षों पुरानी तकनीकी चूक बनी परेशानी जांच के दौरान सामने आया कि खैरपुर स्कूल में वर्षों पहले बनाए गए 12 कमरों और बरामदों में निर्माण संबंधी तकनीकी खामियां अब बड़ी समस्या बन चुकी हैं। कुछ वर्ष पहले कमरों की पुरानी छतों को कंडम घोषित कर बदल दिया गया था, लेकिन साथ लगते बरामदों की छतों को नहीं बदला गया। अब बरामदों के स्तर और कमरों की ऊंचाई में अंतर होने के कारण मरम्मत संबंधी प्रस्ताव तकनीकी रूप से उलझ गया है। सूत्रों के अनुसार जब बरामदों की मरम्मत की फाइल मुख्यालय पहुंची तो अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई। बैठक में इंजीनियरों ने बताया कि कमरों की छतों को पहले ही ऊंचा किया जा चुका है, जबकि बरामदों को उसी स्तर पर नहीं लाया गया। अधिकारियों ने इसे गंभीर तकनीकी त्रुटि माना और मौके की रिपोर्ट तलब की। बहुमंजिला भवन निर्माण की दिशा में सोच रही सरकार शिक्षा विभाग अब पुराने और जर्जर भवनों की मरम्मत पर खर्च करने की बजाय नए बहुमंजिला भवनों के निर्माण की दिशा में विचार कर रहा है। सरकार की योजना है कि कंडम भवनों को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुमंजिला स्कूल भवन बनाए जाएं, ताकि भविष्य में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इसी उद्देश्य से मौके पर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि मरम्मत या पुनर्निर्माण को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री की बैठक के बाद तेज हुई कार्रवाई हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर के कंडम स्कूल भवनों की स्थिति को लेकर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। बैठक में जर्जर भवनों की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने और उनकी स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निदेर्शों के तहत जिला स्तर पर निरीक्षण शुरू किया गया है। मुख्यालय से निरीक्षण दल आने की सूचना के चलते अवकाश के दिन भी संबंधित स्कूलों में जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर प्राचार्य और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। अब विभागीय रिपोर्ट के आधार पर खैरपुर स्कूल सहित अन्य भवनों के भविष्य को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
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डबवाली में सरकारी स्कूल के 12 कमरे कंडम घोषित:भवन की हालत जांचने पहुंची शिक्षा विभाग की टीम, नया भवन बनाने पर विचार
