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Pathankot Woman Loses ₹80k to WhatsApp Link Scam; Cyber Police Investigates


पठानकोट की एक महिला को बिजली बिल अपडेट करवाने का झांसा देकर 80 हजार रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने महिला के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉलिंग कर कहा कि आपका बिजली का बिल अपडेट होने वाला है। मोबाइल नंबर पर लिंक भेजा गयामहिला के मुताबिक उसने जैसे ही मोबाइल पर आए

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प्रतीकात्मक फोटो।

जब उसे मोबाइल पर पैसे निकलने के मैसेज आए तो वह देखकर हैरान रह गई। उसने बैंक जाकर पता किया तो उसे ठगी का पता चला। अब पुलिस ने महिला की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और व्हाट्सएप नंबर को ट्रेस कर रही है। इस तरह की गई ठगी पठानकोट की रहने वाली नीता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके व्हाट्सएप नंबर पर फोन आया था कि बिजली का बिल अपडेट होने वाला है। अज्ञात नंबर से फोन आने के बाद व्हाट्सएप पर लिंक भेजा गया। बैंक अकाउंट से पैसे निकलने के बाद ही उसे समझ आया कि वह ठगी का शिकार हुई है। साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और व्हाट्सएप नंबर को ट्रेस कर रही है।

प्रतीकात्मक फोटो।

5 साल में 10 करोड़ रुपए गंवा चुके लोग साइबर क्राइम थाने में रोजाना ऑनलाइन और ऑफलाइन ठगी के 5-6 मामले पहुंच रहे हैं। जिले में पिछले 5 साल के भीतर लोग इंस्टाग्राम, फेसबुक, टेलीग्राम, लिंक एप्लीकेशन और व्हाट्सएप ग्रुपों में फेक वेबसाइट लिंक और जाली ऐप पर क्लिक कर “दोगुना मुनाफा” कमाने के चक्कर में 10 करोड़ रुपए से अधिक गंवा चुके हैं। इनमें डिजिटल अरेस्ट वाले केस भी शामिल हैं, जिनमें बुजुर्गों को डराकर और डिजिटल अरेस्ट की बात कहकर उनसे लाखों रुपए अपने खातों में डलवा लिए गए। इसका खुलासा पठानकोट साइबर क्राइम थाने में दर्ज शिकायतों के आधार पर हुआ है। वहीं, साइबर क्राइम थाना की ओर से लोगों को विभिन्न साधनों से जागरूक किया जा रहा है।

एसएसपी पठानकोट दलजिंदर सिंह ढिल्लों।

एसएसपी का लोगों को सुझाव एसएसपी पठानकोट दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि जो लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। उनमें कॉमन बात होती है कि वे लोग सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि आजकल ठगी के कुछ नए तरीके सामने आए हैं। इनमें लोग शादी के इन्वीटेशन वीडियो, गुड मॉर्निंग-गुड नाइट के मैसेज का वीडियो भेजा जाता है। क्लिक करते ही फोन हैंग हो जाता है और जिंदगी भर की कमाई ठगों के हाथों में चली जाती है। एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि अब तक सामने आए मामलों में अधिकतर लोग एंड्रायड फोन इस्तेमाल करने वाले होते हैं। आईफोन पर ठगी के मामले कम ही देखने को मिलते हैं। ऑनलाइन ठगी से सावधानी और बचाव आजकल साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। नीचे कुछ जरूरी उपाय दिए गए हैं: जरूरी सावधानियां बिना वजह सोशल मीडिया का इस्तेमाल ना करें। किसी भी अनजान लिंक (WhatsApp, SMS, Email) पर क्लिक न करें। फर्जी ऐप डाउनलोड करने से बचें, केवल Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप इंस्टॉल करें। OTP, बैंक डिटेल, ATM PIN, CVV किसी के साथ शेयर न करें। सोशल मीडिया (Facebook, Instagram) पर आए संदिग्ध मैसेज से सावधान रहें। फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर कॉल न करें।

प्रतीकात्मक फोटो।

आम ठगी के तरीके RTO चालान या KYC अपडेट के नाम पर लिंक भेजना। बैंक या लोन ऑफर के नाम पर ऐप इंस्टॉल करवाना। Instagram/Facebook पर लिंक भेजकर अकाउंट हैक करना। QR कोड स्कैन करवाकर पैसे निकलवाना।

प्रतीकात्मक फोटो।

बचाव के उपाय मोबाइल में एंटीवायरस/सिक्योरिटी ऐप रखें। बैंकिंग के लिए ऑफिशियल ऐप और वेबसाइट ही इस्तेमाल करें। फोन में स्क्रीन लॉक और ऐप लॉक जरूर लगाएं। समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें ठगी होने पर क्या करें? तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। अपने बैंक को तुरंत सूचित करें और कार्ड/अकाउंट ब्लॉक करवाएं



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