पंचकूला में UK फैमिली वीजा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये हड़पने के मामले में सेक्टर-20 थाना पुलिस ने इमिग्रेशन कंपनी संचालक और उसके प्रतिनिधि के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि परिवार सहित UK में बसाने का सपना दिखाकर शिकायतकर्ता से 2.40 लाख रुप
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पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-4 पंचकूला निवासी कुलदीप कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 में वह परिवार सहित UK जाने के लिए इमिग्रेशन सेवाओं की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान विज्ञापनों के माध्यम से उनकी मुलाकात चंडीगढ़ स्थित लूथरा इमिग्रेशन कंसल्टेंसी के संचालक मानव लूथरा से हुई। आरोपी ने खुद को ट्राइसिटी का सबसे बेहतर इमिग्रेशन कंसल्टेंट बताते हुए 3-4 महीने में फैमिली वीजा दिलाने का भरोसा दिया।
25 लाख का पैकेज, 2.40 लाख एडवांस लिए
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने UK फैमिली वीजा के लिए 25 लाख रुपये का पैकेज तय किया। इसमें 2.40 लाख रुपये एडवांस आवेदन शुल्क के रूप में जमा करवाए गए, जबकि शेष राशि वीजा मिलने के बाद देने की बात कही गई। कुलदीप ने 3 जून 2022 को ऑनलाइन माध्यम से 2.40 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
चार महीने बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई तो उन्होंने कंपनी से संपर्क किया। आरोप है कि हर बार तकनीकी कारणों और प्रक्रिया में देरी का हवाला देकर मामला टाल दिया गया। कई बार आग्रह करने के बावजूद न तो वीजा प्रक्रिया पूरी की गई और न ही पैसे लौटाए गए।
रकम लौटाने के लिए दिए चार चेक, सभी हुए बाउंस
शिकायतकर्ता ने जब पैसे वापस मांगे तो कंपनी की ओर से 1.50 लाख रुपये की राशि के चार पोस्ट डेटेड चेक दिए गए। इनमें 40-40 हजार और 30 हजार रुपये के चेक शामिल थे। पहला चेक अगस्त 2024 में बैंक में लगाने पर “इंसफिशिएंट फंड्स” के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपियों ने शेष चेक बाद में लगाने की बात कही।
नवंबर 2024 में तीनों चेक एक साथ बैंक में प्रस्तुत किए गए, लेकिन वे भी बाउंस हो गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने लगातार झूठे आश्वासन देकर समय बिताया और उसकी मेहनत की कमाई रोककर रखी।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ था समझौता
मामले में शिकायतकर्ता ने पहले एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट, पंचकूला में भी शिकायत दी थी। वहां कार्रवाई के दौरान कंपनी के प्रतिनिधि बलजीत सिंह उर्फ रॉबिन ने 25 मार्च 2025 को लिखित समझौता किया था। समझौते में उसने पूरी बकाया राशि 10 मई 2025 तक लौटाने की जिम्मेदारी स्वीकार की थी।
शिकायत के अनुसार तय समय गुजरने के बाद भी कोई भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि बाद में कंपनी से जुड़े लोगों ने फोन उठाना बंद कर दिया और एक महिला ने शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी।
DCP के आदेश पर केस दर्ज
एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट की जांच और डीसीपी पंचकूला की मंजूरी के बाद सेक्टर-20 थाना पुलिस ने 9 जून 2026 को मानव लूथरा, लूथरा इमिग्रेशन कंसल्टेंसी तथा संबंधित प्रतिनिधियों के खिलाफ IPC की धारा 406, 420 और इमिग्रेशन एक्ट 1983 की धारा 24 के तहत एफआईआर नंबर 111 दर्ज कर ली है।
मामले की जांच PSI विकास कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि घटना वर्ष 2022 की होने के कारण मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
