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फतेहाबाद की रतिया पुलिस ने इंस्टाग्राम पर निवेश के बहाने मासूम लोगों को ठगने वाले गिरोह के खिलाफ एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने राजस्थान से इस गिरोह के दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है।आरोपी की पहचान राजस्थान के टोंक जिले के निवासी इंद्रराज म
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पुलिस के अनुसार, रतिया के वार्ड नंबर 7 निवासी मनीष कुमार इस ठगी का शिकार हुए थे। मनीष ने मार्च के महीने में इंस्टाग्राम पर एक लुभावना विज्ञापन देखा था, जिसमें निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। इसके बाद अज्ञात ठगों ने व्हाट्सएप के जरिए मनीष से संपर्क साधा और उनके पैसे 10 गुना करने का लालच दिया।
30 हजार से ज्यादा की ठगी
ठगों ने मनीष को अपने झांसे में लेकर अलग-अलग शुल्कों के नाम पर पैसे ऐंठना शुरू किया। आरोपियों ने जीएसटी (GST) फाइल चार्ज रिफंड चार्ज जैसे फर्जी कारणों का हवाला देकर क्यूआर कोड (QR Code) के माध्यम से मनीष से कुल 30,449 रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
धोखाधड़ी का अहसास होने पर मनीष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। थाना शहर रतिया प्रभारी निरीक्षक पुष्पा ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने साइबर सेल की तकनीकी मदद ली और इस गिरोह के एक सदस्य को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
नेटवर्क तलाशने में जुटी पुलिस
अब पुलिस टीम ने राजस्थान के जिला टोंक की तहसील निवाई के गांव भरथला से दूसरे आरोपी इंद्रराज मीणा को धर दबोचा है। पुलिस अब आरोपी से यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और उन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना निशाना बनाया है।







