3 लोगों को गोलियां मारकर हत्या करने के बाद आरोपी ने खुद के सिर में गोली मार ली।
गुरदासपुर के बटाला में मंगलवार देर रात एक व्यक्ति ने जमीनी विवाद में अंधाधुंध फायरिंग कर अपनी चाची और नाबालिग चचेरे भाई की हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने उसे रोकने के लिए आगे आए अपने ही फौजी दोस्त को भी गोली मार दी।
.
इसके तुरंत बाद आरोपी ने खुद के सिर में भी गोली मार आत्महत्या कर ली। इन सभी की लाशें घर के अंदर, बाहर और आरोपी की लाश घर की किचन में मिली। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने बताया कि मनजोत सिंह अपने माता-पिता की मौत के बाद अपनी हिस्से की जमीन बेच चुका था और अक्सर रिश्तेदार निशान सिंह से पैसों की मांग कर झगड़ा करता रहता था। मंगलवार को वह अपने साथी परगट सिंह के साथ निशान सिंह के घर पहुंचा, जहां उसने निशान सिंह की पत्नी हरदीप कौर और बेटे हरअमृत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
इस दौरान मनजोत सिंह ने परगट सिंह को भी गोली मार दी और बाद में उसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामले में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घर के बाहर झाड़ियों में मिला फौजी दोस्त का शव।
चाची और चचेरे भाई को घर में ही मारा
यह वारदात बटाला के थाना सेखवां के अंतर्गत आने वाले गांव मुंडी कराल में हुई है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि गांव मुंडी कराल में रहने वाले व्यक्ति मनजोत सिंह का अपने ही परिवार से जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा था।
मंगलवार देर रात यह विवाद इतना बढ़ गया कि मनजोत अपना आपा खो बैठा। उसने अपनी जेब से पिस्टल निकाली और सबसे पहले अपनी सगी चाची हरजीत कौर की छाती में गोली मारी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद उसने अपने महज 12 साल के मासूम चचेरे भाई हरी अमृतपाल सिंह को भी गोली मार दी। इन दोनों की लाशें घर के आंगन और कमरे में पड़ी मिलीं।
तीन लोगों को गोलियों से भूनने के बाद आरोपी ने खुद के सिर में गोली मार ली।
दोस्त को मारकर खुद को भी गोली मारी
गोलियों की आवाज और चीख-पुकार सुनकर मनजोत का दोस्त परगट सिंह मौके पर पहुंचा। परगट सिंह भारतीय सेना का जवान था। उसने मनजोत को रोकने की कोशिश की तो उसने फौजी दोस्त को भी घर के बाहर दौड़ाकर सीने में गोली मारी।
पुलिस को उसकी लाश घर के बाहर मौजूद झाड़ियों में पड़ी मिली है। तीन कत्ल करने के बाद आरोपी मनजोत सिंह अपने घर की रसोई में गया और वहां उसने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उसके हाथ में पिस्टल लगी हुई थी।
हरजीत कौर की लाश ले जाती पुलिस।
मौके पर पहुंचे आला अफसर, जांच में जुटी पुलिस
इस सामूहिक हत्याकांड की सूचना मिलते ही बटाला पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। DSP सिटी सुखिंदर सिंह और थाना सेखवां के प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कत्ल के तरीके और सबूतों को इकट्ठा करने के लिए स्पेशल फॉरेंसिक टीम बुलाई गई है। पुलिस हर उस एंगल को खंगाल रही है, जिसकी वजह से यह खूनी खेल खेला गया।
पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल बटाला के डेड हाउस में रखवा दिया है। बटाला सिविल अस्पताल के डॉक्टर करणबीर सिंह ने इसकी पुष्टि की। आज शवों का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।
फिलहाल, गांव में तनाव और दहशत का माहौल है, जिसके मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से बारीक छानबीन की जा रही है।
चाची के घर ही खाना खाता था मनजोत
पड़ोसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, 3 कत्ल करने वाले मनजोत सिंह के माता-पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। मनजोत और उसके चाचा निशान सिंह के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर करीब 5 साल से विवाद चल रहा था।
मौजूदा समय में मनजोत चाचा के घर ही रह रहा था और खाना भी इधर ही खाता था। बीती रात निशान सिंह कहीं बाहर गए थे। इसी दौरान मनजोत सिंह अपने फौजी दोस्त परगट सिंह के साथ घर गया और उसकी पिस्टल से ले आया। उसी पिस्टल से उसने चाची और चचेरे भाई को मारा।
———–
यह खबर भी पढ़ें…
लुधियाना में विवाद सुलझाने गए बुजुर्ग की हत्या, पूर्व सरपंच का भाई था
लुधियाना में जमीन के पुराने विवाद को सुलझाने गए एक बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान सविंदर सिंह उर्फ बिंदर के रूप में हुई है, जो गांव के पूर्व सरपंच के भाई थे। फिलहाल थाना डैहलों में आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत कई संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
