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हरियाणा के करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। गेस्ट टीचर्स के विरोध में सरकार की ओर से दायर LPA (लेटर्स पेटेंट अपील) को हाईकोर्ट ने डिस्पोज कर दिया। मामले की सुनवाई सुखविंदर सिंह एंड अदर्स के नाम से हुई। हाईकोर्ट के फैसले के बाद गेस्ट टीचर्स में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि सरकार जल्द ही उनके मामले में सकारात्मक निर्णय लेते हुए उन्हें नियमित करने की दिशा में कदम उठाएगी। गेस्ट टीचर के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल गेस्ट टीचर्स की जीत नहीं, बल्कि न्याय की जीत है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रदेश के करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स के हित में जल्द फैसला लिया जाए। सरकार से गुहार- कोर्ट के फैसले को जल्द लागू करें हाईकोर्ट के फैसले के बाद गेस्ट टीचर्स ने सरकार से अपील की है कि वह मामले में जल्द कार्रवाई करे। गेस्ट टीचर्स को उम्मीद है कि सरकार हाईकोर्ट के फैसले को लागू करते हुए उन्हें नियमित करने की दिशा में जल्द बड़ा निर्णय लेगी।
यहां जानिए, क्या है गेस्ट टीचर्स विवाद… हाईकोर्ट ने रेगुलर करने के इस तरह दिए थे आदेश परमानेंट होने के बाद ये लाभ मिलेगा इन टीचर्स को होगा फायदा : 2005-06 में हुई भर्ती प्रक्रिया में गेस्ट ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT), गेस्ट पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT), लेग्वेज टीचर, ड्राइंग टीचर, कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर (जहां पॉलिसी लागू होगी) भर्ती हुए थे। इसके अलावा उन टीचर्स को भी इसका लाभ मिलेगा, जिन्होंने 2014 की नियमितीकरण नीति की शर्तें पूरी की हैं। सरकारी टीचर्स जैसी सुविधाएं मिलेंगी: अगर सरकार इन टीचर्स को परमानेंट करती है तो इन्हें सरकारी टीचर्स की तरह कई सुविधाएं मिलेंगी। इनमें पे स्केल, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), मेडिकल सुविधाएं, अर्न लीव (EL), मातृत्व व पितृत्व हॉलिडे, एनुअल सैलरी इन्क्रीमेंट, पेंशन संबंधी लाभ (सरकारी नियमों अनुसार), सर्विस रूल से प्रमोशन का लाभ जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
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