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अमृतसर के मजीठा से अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को एक पत्र लिखकर 3 अगस्त को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर मार्गदर्शन देने की अपील की है। 1 अगस्त, 2026 को लिखे गए इस पत्र में उन्होंने कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पहले ही श्री अकाल तख्त साहिब के पांच सिंह साहिबान द्वारा गुरु-दोखी और पंथ-विरोधी करार दिया जा चुका है। पत्र में गनीव कौर मजीठिया ने ‘द जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026’ का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी आदेशों और निर्देशों के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजाब सरकार ने आवश्यक संशोधन नहीं किए। हालांकि मंत्रियों और विधायकों ने श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर निर्देशों का पालन करने का वचन दिया था। गनीव कौर मजीठिया ने अपने पत्र में लिखा है कि इसके बावजूद सरकार का रवैया लगातार श्री अकाल तख्त साहिब जैसी सर्वोच्च आध्यात्मिक और पंथक संस्था के साथ टकराव की स्थिति को और गंभीर बनाता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि वह एक निर्वाचित विधायक होने के साथ-साथ सबसे पहले गुरु साहिब की एक विनम्र सिख हैं और उनके लिए श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश सर्वोपरि हैं। पंथक मर्यादा के अनुरूप निर्देश देने की अपील इसी आधार पर उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मार्गदर्शन और स्पष्ट निर्देश देने की अपील की है, ताकि 3 अगस्त को होने वाले पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान वह पंथक मर्यादा और श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के अनुरूप अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।
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