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नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) चंडीगढ़ जोनल यूनिट और चंडीगढ़ पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक प्रैक्टिसिंग वकील समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 793 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस), 10 ग्राम हेरोइन और 250 ग्राम पोस्त बरामद की गई है। एनसीबी अधिकारियों के अनुसार ट्राईसिटी क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क के बारे में खुफिया सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एनसीबी और चंडीगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने निगरानी शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोका गया, जिसे एक वकील चला रहा था। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 93 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस) और 10 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद आरोपी से पूछताछ की गई और मिली जानकारी के आधार पर टीम ने पंजाब के खरड़ स्थित एक फ्लैट पर छापा मारा। खरड़ के फ्लैट से मिली बड़ी खेप एनसीबी टीम ने जब फ्लैट की तलाशी ली तो वहां से 700 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस) और 250 ग्राम पोस्त बरामद हुई। इस तरह पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 793 ग्राम आइस, 10 ग्राम हेरोइन और 250 ग्राम पोस्त जब्त की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी ट्राईसिटी क्षेत्र में हाल के समय की बड़ी ड्रग रिकवरी में से एक है। बरामद नशे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। छापेमारी के दौरान फ्लैट में एक महिला मिली छापेमारी के दौरान फ्लैट में एक महिला भी मौजूद थी, जो मुख्य आरोपी के साथ रह रही थी। जांच में सामने आया कि वह नशा तस्करी के नेटवर्क को संचालित करने और ड्रग्स की सप्लाई में आरोपी की मदद कर रही थी। इसके बाद एनसीबी ने उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि महिला की नेटवर्क में क्या भूमिका थी और वह कब से इस अवैध कारोबार से जुड़ी हुई थी। कमर्शियल मात्रा से 16 गुना ज्यादा आइस बरामद एनसीबी के अनुसार बरामद की गई मेथामफेटामाइन की मात्रा एनडीपीएस एक्ट के तहत निर्धारित कमर्शियल मात्रा से करीब 16 गुना अधिक है। कानून के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ मिलने पर आरोपी को कड़ी सजा हो सकती है। मेथामफेटामाइन, जिसे आम भाषा में “आइस” कहा जाता है, एक बेहद खतरनाक सिंथेटिक ड्रग है। इसके सेवन से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। हाल के वर्षों में युवाओं के बीच इसकी मांग बढ़ने से तस्करी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। पहले भी दर्ज हो चुका है मामला जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसके खिलाफ वर्ष 2023 में चंडीगढ़ के सेक्टर-36 थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब जांच एजेंसियां आरोपी के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि वह लंबे समय से नशा तस्करी के कारोबार से जुड़ा हुआ था या हाल के वर्षों में उसने अपना नेटवर्क बढ़ाया। पाकिस्तान नेटवर्क से जुड़े तार प्रारंभिक जांच में एनसीबी को इस मामले में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के संकेत मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों के तार पाकिस्तान आधारित ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हैं। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क तकनीकी रूप से काफी सक्रिय था और विभिन्न राज्यों में नशे की सप्लाई कर रहा था। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रग्स की खेप भारत में किस रास्ते से पहुंच रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। एनसीबी और चंडीगढ़ पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, सप्लाई चेन, बैंक लेन-देन और संपर्क सूत्रों की जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस सिंडिकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
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NCB-चंडीगढ़ पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़ा ड्रग सिंडिकेट पकड़ा:वकील समेत 2 आरोपी गिरफ्तार, 793 ग्राम आइस ड्रग बरामद, खरड़ के फ्लैट से मिली खेप







