Related Posts

370 की बिरयानी-महिला आयोग ने आरोपियों की माफी खारिज की:गुरुग्राम में कॉमेडियन प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा ने की थी अभद्र टिप्पणी, अगली तारीख पर सुनवाई




गुरुग्राम में आयोजित स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले को लेकर कॉमेडियन प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने पेश हुए। डीएलएफ एसीपी विष्णु प्रसाद आरोपियों को लेकर दिल्ली महिला आयोग के कार्यालय में पहुंचे। जहां सुनवाई के दौरान दोनों ने महिला आयोग के सामने माफी मांगी, लेकिन आयोग ने प्रणीत मोरे, मधुर विरली और हिमांशु जांगड़ा की बिना शर्त माफी को सिरे से खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने इस तरह की अपमानजनक सामग्री को कॉमेडी के नाम पर बढ़ावा दिए जाने और सामान्य बनाए जाने पर गहरी पीड़ा और चिंता व्यक्त की। इस मामले में महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीनों को अगली तारीख पर दोबारा निजी तौर पर पेश होने के निर्देश दिए हैं। चूंकि यह पूरा मामला गुरुग्राम के अधिकार क्षेत्र से भी जुड़ा है, इसलिए स्थानीय पुलिस भी इस मामले की गहनता से मॉनिटरिंग कर रही है। ये है मामला यह विवाद स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के गुरुग्राम में लाइव क्राउड-वर्क कॉमेडी शो के दौरान शुरू हुआ। 12 अप्रैल को आयोजित शो में बातचीत के दौरान जांगड़ा ने एक डेटिंग अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक महिला पर करीब ₹360–₹370 की चिकन बिरयानी का खर्च किया था। उन्होंने यह भी कहा कि जब महिला ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा, तो उन्हें अपने खर्च की भरपाई के रूप में फिजिकल इंटिमेसी की उम्मीद थी। इस कमेंट पर शो के दौरान प्रणित मोरे हंसते हुए इसे पीक गुरुग्राम कंटेंट बताया और उन्हें मजाकिया होने पर इनाम राशि भी दी। कार्यक्रम का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हिमांशु जांगड़ा को नौकरी से निकाला गया स्टारविक डिजाइन ने इस मामले में जांगड़ा पर एक्शन लेते हुए उन्हें नौकरी से निकाल दिया था। कंपनी के फाउंडर विवेक विश्वकर्मा ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा था कि हमारे एक कर्मचारी हिमांशु जांगड़ा को लेकर सैकड़ों मैसेज, ईमेल और फोन कॉल आए हैं। आप सभी की तरह मैंने भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप्स देखे हैं। मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि उन वीडियो में दिखाई गई बातें आपत्तिजनक हैं। मैं उन बातों से सहमत नहीं हूं। हमारी कंपनी भी ऐसे विचारों का समर्थन नहीं करती और न ही हम चाहते हैं कि ऐसी बातें युवाओं को प्रभावित करें। मामले की जांच जारी इस संबंध में एसीपी विष्णु प्रसाद ने बताया कि हमें 22 तारीख को आयोग से निर्देश मिला था कि उन्हें पेश किया जाए। हमने ईमेल के ज़रिए उन्हें समय पर सूचना दी। उन्हें आयोग के सामने पेश कर दिया है। इस संबंध में डीएलएफ फेस-2 थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। इसलिए थोड़ा समय दीजिए।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें