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हांसी में पेयजल संकट को लेकर लोगों में रोष:21 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी, वाटर वर्क्स की जमीन सचिवालय को देने का आरोप




हांसी के सेक्टर-5 में पेयजल संकट के विरोध में रविवार को हुडा वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में सेक्टर वासियों ने प्रदर्शन किया। जींद रोड स्थित हुडा चौक पर हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। एसोसिएशन के प्रधान शशिकांत यादव ने प्रदर्शन की अध्यक्षता की, जहां सरकार और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की गई। प्रदर्शन के दौरान हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि अगले 2 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने का ठोस आश्वासन नहीं मिलता है, तो 21 जुलाई से जींद रोड स्थित हुडा चौक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। आंदोलन के संचालन के लिए एक समिति गठित करने और धरने के खर्च हेतु चंदा एकत्रित करने का भी फैसला लिया गया। स्थायी पेयजल परियोजना पर संकट एसोसिएशन के प्रधान शशिकांत यादव ने आरोप लगाया कि सेक्टर-3 और सेक्टर-5 के लिए सेक्टर-3 में लगभग 10 से 12 एकड़ भूमि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) हेतु आरक्षित थी। हालांकि, हाल ही में इस भूमि को नए जिला सचिवालय के निर्माण के लिए आवंटित कर दिया गया है। उनके अनुसार, इस निर्णय से दोनों सेक्टरों के लिए स्थायी पेयजल परियोजना पर संकट उत्पन्न हो गया है। यादव ने बताया कि जब सेक्टरवासी पेयजल समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो उन्हें हुडा विभाग की जिम्मेदारी बताई जाती है। वहीं, हुडा विभाग का कहना है कि जिस भूमि पर वाटर वर्क्स का निर्माण होना था, उसे अब सरकार ने सचिवालय के लिए अधिग्रहित कर लिया है। अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी शशिकांत यादव ने कहा कि वर्तमान में सेक्टरवासियों को केवल अस्थायी बोरवेल से खारा पानी मिल रहा है, जो पीने योग्य नहीं है। उन्होंने बताया कि लोगों को उम्मीद थी कि सेक्टर-3 में एक बड़ा वाटर वर्क्स बनने से उनकी वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा, लेकिन भूमि हस्तांतरण के बाद उनकी उम्मीदें टूट गई हैं। एसोसिएशन ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि दो दिनों के भीतर सेक्टर-3 और सेक्टर-5 के लिए स्थायी पेयजल व्यवस्था का स्पष्ट आश्वासन दिया जाए। ऐसा न होने पर 21 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



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