हरियाणा के एक गांव में पंचायत घर अड्डे पर रोडवेज बस नहीं रुकने की शिकायत को लेकर एक छात्रा और हरियाणा रोडवेज जींद डिपो के ड्यूटी इंस्पेक्टर (डीआई) आजाद सिंह के बीच हुई फोन पर बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बातचीत को दूसरे मोबाइल से वीडियो फॉमेट में रिकॉर्ड किया गया। ऑडियो में छात्रा अपने गांव के पंचायत घर अड्डे पर बस रुकवाने की मांग करती सुनाई दे रही है, जबकि डीआई उसे बताते हैं कि वहां बस का निर्धारित स्टॉपेज नहीं है। बातचीत के दौरान दोनों के बीच तीखी नोकझोंक होती है। मामला इतना बढ़ जाता है कि डीआई कथित तौर पर बस बंद कराने और एफआईआर दर्ज कराने की बात तक कह देते हैं। वीडियो और ऑडियो वायरल होने के बाद रोडवेज प्रशासन ने डीआई की ड्यूटी बदल दी है। पढ़िए, छात्रा और ड्यूटी इंस्पेक्टर के बीच क्या बातचीत हुई… छात्रा: सर, हमारे गांव गंगोली के पंचायत घर वाले अड्डे पर बस नहीं रुकती है। पीछे गांव में कई जगह बस रुकती है, लेकिन हमारे अड्डे पर नहीं रुकती। डीआई आजाद सिंह: कहां है तुम्हारा अड्डा? छात्रा:: पंचायत घर के पास है। डीआई: वहां इस गाड़ी का कोई अड्डा ही नहीं है। छात्रा: अगर अड्डा नहीं है तो पीछे गांव में अलग-अलग अड्डे किसने बना दिए? वहां बस क्यों रुकती है? डीआई: तू गांव गंगोली में किसकी लड़की है? मैं भी गांव से ही बोल रहा हूं।
छात्रा:: कोई बात नहीं, अगर गांव से बोल रहे हो तो बस के पास आ जाओ और देख लो। डीआई: पहले बता किसकी लड़की है तू?
छात्रा: इसके बाद छात्रा अपने पिता और दादा का नाम बताती है। डीआई: और कौन-कौन सी लड़कियां हैं तेरे साथ?
छात्रा: और भी कई लड़कियां हैं जो रोज इसी बस से आती-जाती हैं। डीआई: अड्डा यही है, वहीं उतर जाया करो। जरूरत पड़ेगी तो मैं घर तक पहुंचा दूंगा।
छात्रा: जब पीछे अलग-अलग जगह बस रुकती है तो पंचायत घर वाले अड्डे पर क्यों नहीं रुकती? डीआई: गांव में कालवा, माता दरवाजा और दूसरे स्टॉप हैं, वहीं निर्धारित अड्डे हैं।
छात्रा: जब तीन-तीन जगह बस रुक सकती है तो पंचायत घर के सामने क्यों नहीं रुक सकती? हमें भी बराबर का अधिकार है। डीआई: मैंने बता दिया, वहां अड्डा नहीं है। वहीं उतर लो जहां बस रुकती है।
छात्रा:: हम क्यों उतरें? हमारे अड्डे पर बस रुकेगी तो उतरेंगे। डीआई: वहां अड्डा नहीं है।
छात्रा: माल सिवाना वाली बस जो खेड़ा होते हुए जाती है, वह खेड़ा अड्डे पर रुकती है। फिर हमारे यहां क्यों नहीं रुकती? डीआई: जो नियम है उसी हिसाब से बस चलेगी।
छात्रा: नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए। पीछे वालों के लिए अलग और हमारे लिए अलग क्यों?
बातचीत के दौरान छात्रा लगातार अपने गांव के अड्डे पर बस रुकवाने की मांग करती रही। इसी दौरान बातचीत का स्वर और तीखा हो गया। डीआई: गाड़ी बिल्कुल बंद कर देंगे, फिर लटकती फिरोगी।
छात्रा:: बस बंद होगी तो सिर्फ हमारा नुकसान नहीं होगा, पूरे इलाके के लोगों को परेशानी होगी। डीआई: ठीक है, उतर जाओ। तड़के गाड़ी नहीं आएगी।
छात्रा: वह आपकी मर्जी है कि गाड़ी चलानी है या नहीं। डीआई: ठीक है, बंद कर देंगे।
स्टूडेंट: हमारे अड्डे पर बस रुकेगी तो ही उतरेंगे। चाहे बस कितनी देर खड़ी रहे, हम बस में बैठे रहेंगे। अधिकार सबका बराबर है।
इसके बाद छात्रा ने एक और सवाल उठाया। छात्रा: सुबह जब चंडीगढ़ जाने वाली बस निकलती है तो पंचायत घर के सामने क्यों रुकती है? वहां सवारियां भी बैठाई जाती हैं। तब वह अड्डा कैसे बन जाता है?
इस सवाल पर भी दोनों के बीच बहस जारी रही।
डीआई: ज्यादा वकालत करने की जरूरत नहीं है। छात्रा: ठीक है जी, हम वकालत नहीं करते, आप कर लो।
इसके बाद कथित तौर पर डीआई ने छात्रा को चेतावनी दी।
डीआई: अगर कहे तो ड्राइवर-कंडक्टर से बोलकर तेरी एफआईआर दर्ज करवा दूं। छात्रा: एफआईआर किस बात की?
डीआई: तेरे घर के चक्कर काटते फिरेंगे। सरकारी काम में बाधा डालने की हिम्मत कैसे हो गई तेरी? छात्रा: हमने कौन सा सरकारी काम रोका है? हम तो सिर्फ अपने अड्डे पर बस रुकवाने की बात कर रहे हैं।
डीआई: तेरे नाम की एप्लीकेशन लिखवाता हूं और थाने में दे आऊंगा। छात्रा:आपने माता दरवाजा वाला अड्डा बना दिया, लेकिन गांव के पुराने अड्डे को अड्डा ही नहीं मान रहे।
इसके बाद बातचीत समाप्त हो जाती है और फोन कट जाता है। जीएम राहुल जैन ने क्या कहा
मामले का ऑडियो वायरल होने के बाद जींद रोडवेज के महाप्रबंधक राहुल जैन ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद ड्यूटी इंस्पेक्टर आजाद सिंह की ड्यूटी बदलकर उन्हें फ्लाइंग शाखा में लगाया गया है। उनकी जगह कप्तान सिंह को ड्यूटी इंस्पेक्टर बनाया गया है। राहुल जैन ने स्पष्ट किया कि रोडवेज की सभी बसें निर्धारित स्टॉपेज पर रुकेंगी और किसी भी छात्रा, महिला या अन्य यात्री को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी ड्राइवरों और कंडक्टरों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस प्रकार की शिकायत सामने न आए।
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