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फतेहाबाद में शिक्षा के प्रति बच्चों के उत्साह पर निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी भारी पड़ रही है। फतेहाबाद के जाखल खंड के गांव तलवाड़ा और तलवाड़ी के स्कूली बच्चों ने आरोप लगाया है कि निजी बस चालक उनसे किराए की मांग करते हैं और पैसे न देने पर उन्हें बीच सड़क पर ही बस से उतार दिया जाता है। इस कड़कड़ाती धूप और असुरक्षित रास्तों पर बच्चों को दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। इन गांवों के दर्जनों बच्चों ने अपनी आगे की पढ़ाई के लिए म्योंद कलां के राजकीय विद्यालय में दाखिला लिया है। गांव से स्कूल की दूरी लगभग 5 किलोमीटर है। सुखप्रीत, सिमरन, नवजोत और अन्य विद्यार्थियों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि हर दिन बस में चढ़ते ही किराए को लेकर विवाद शुरू हो जाता है। बस संचालक बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और मानसिक स्थिति दोनों प्रभावित हो रही है। बस पास की प्रक्रिया में देरी का फायदा उठा रहे ऑपरेटर अभिभावकों का कहना है कि स्कूली बच्चों के लिए बस पास की सुविधा अनिवार्य है, लेकिन निजी बस चालक इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। म्योंद कलां स्कूल के प्रधानाचार्य गुरलाल ने स्वीकार किया कि बस ऑपरेटरों की इस मनमानी से बच्चे काफी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल स्तर पर बस पास बनवाने की प्रक्रिया अभी जारी है, लेकिन इस बीच ऑपरेटरों का यह रवैया कतई बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। RTA की चेतावनी: “दुर्व्यवहार किया तो होगी सख्त कार्रवाई” मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद आरटीए संजय बिश्नोई ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि: बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुँचाना और वापस लाना बस संचालकों की जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले या बच्चों के साथ अभद्रता करने वाले संचालकों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को भी जल्द से जल्द बस पास प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अभिभावकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बच्चों के माता-पिता का कहना है कि बीच रास्ते में उतारे जाने से बच्चों के साथ किसी भी अनहोनी का डर बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जब तक पास नहीं बनते, तब तक बच्चों को निशुल्क और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित कराई जाए।
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स्कूली बच्चों को बीच रास्ते उतार रहे बस चालक:फतेहाबाद में नहीं बन रहे पास, किराए को लेकर विवाद, स्कूल प्रबंधन से शिकायत







