सिरसा में ट्रक की चेसी से पकड़ी 4.5 करोड़ की अफीम मामले में एएसआई रणबीर सिंह और डीएसपी राज सिंह व इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार का फाइल फोटो।
सिरसा में ट्रक की चेसी से पकड़ी 4.5 करोड़ की अफीम गोलमाल मामले में रिकवरी एवं जांच के लिए NCB की टीम सिरसा पहुंच चुकी है। गिरफ्तार आरोपी एएसआई रणबीर सिंह को NCB की टीम जांच के लिए मंगलवार देर शाम अपने साथ लेकर रवाना हुई। सूत्रों की मानें तो एएसआई रणब
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सिरसा पुलिस ने यह केस एनसीबी को हैंडओवर कर दिया है। आरोपी एएसआई रणबीर सिंह इन दिनों फतेहाबाद में रहता था और वहीं पर उसने अपना नया मकान बनाया है। वह काफी समय पहले फतेहाबाद के टोहाना सीआईए में भी रहा चुका है। इसके बाद हांसी और वहां से सिरसा ट्रांसफर होकर आया था। अभी तक कोई अफीम का पूरा वजन नहीं बता पा रहा है।
इसमें राजस्थान पुलिस की भूमिका भी अहम थी, लेकिन उनकी ओर से अफीम का सही से वजन न करवाने की चूक रही। वरना ये खेल उसी समय पकड़ा जाता। अभी इस मामले में और पुलिसकर्मी भी शक के घेरे में हैं, जिन पर गाज गिरने की संभावना है। वहीं, DSP राज सिंह का रातों-रात नूंह में ट्रांसफर हो गया है और SHO इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया है।

ट्रक से पकड़ी 4.5 करोड़ की अफीम मामले में ट्रक ड्राइवर, आरोपी मालिक और सप्लायर। सिविल वर्दी में राजस्थान की पुलिस टीम।
पैकेट 95 और जांच में 90 किलो और दिखाई 88.970 ग्राम
कुछ और सवाल उठ रहे हैं, जिससे हर किसी को विश्वास नहीं हो रहा। पुलिस के ही अनुसार, ट्रक की चेसी से अफीम से भरे 95 पैकेट मिले थे। उस दिन में जांच में 88.970 ग्राम दिखाई थी। बाद में गड़बड़ मिली तो पुलिस बोली, 90 किलो थी। इस हिसाब से एक किलो 30 ग्राम कम है। इसकी एएसपी आदर्शदीप सिंह ने पीसी भी की थी।
सूत्रों की मानें तो अगर पैकट की बात करे तो एक पैकेट का वजन सामान्य तौर पर एक किलो होता है। एक-एक किलो की पैकिंग आती है। इस हिसाब से सीधे तौर पर 95 किलो वजन हो गया। अब एसीबी की जांच में पता चल पाएगा कि कितनी मात्रा में अफीम गोलमाल की और कितनी किसे बेची।

पूरी टीम ने ट्रक की चेसी के नीचे निकाली थी खेप
खास बात है कि राजस्थान पुलिस से सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची डिंग थाना की पुलिस टीम ने मिलकर ट्रक की चेसी से अफीम के सभी पैकेट बाहर निकाले थे। मौके पर राजपत्रित अधिकारी डीएसपी राज सिंह भी पहुंचे थे। उस दौरान राजस्थान टीम ने डिंग थाना पुलिस को हैंडओवर की थी। इस बीच पैकटों के साथ छेड़छाड़ कर अफीम खुर्द-बुर्द हो गई। सवाल ये है कि क्या किसी ने ध्यान नहीं दिया या कई की इसमें मिलीभगत थी।
अफीम केस में सेकेंड आईओ था एएसआई : एसपी
सिरसा एसपी दीपक सहारन का कहना है कि अब ये केस एनसीबी की टीम के पास चला गया है। इसमें टीम बनाई जाएगी और वहीं इसकी जांच करेगी। एएसआई रणबीर मामले में सेकेंड आईओ था। कितनी मात्रा में अफीम खुर्द-बुर्द की है, वो जांच में पता चल जाएगा।
भावदीन टोल के पास पकड़ी थी अफीम
बुधवार (10 जून) को सिरसा की डिंग थाना पुलिस और राजस्थान से जोधपुर की संयुक्त पुलिस टीम ने एनएच-9 स्थित भावदीन टोल प्लाजा के समीप नाकाबंदी के दौरान ट्रक नंबर जेके-02-बीके-5276 को रोककर तलाशी ली थी। ट्रक के नीचे लोहे की एंगल से विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त बॉक्स बरामद हुए थे। इन बॉक्सों से 95 पैकेटों में छिपाकर रखी गई 88 किलो 970 ग्राम अफीम बरामदगी दिखाई थी।
राजस्थान के पाली जिले के बिश्नोइयां की ढाणी भाणिया के रहने वाले ट्रक ड्राइवर किशना राम को अरेस्ट किया था। ट्रक ड्राइवर की निशानदेही पर जम्मू-कश्मीर से थाना भीरा नजदीक भिड़े कलां निवासी ट्रक मालिक गगनदीप सिंह एवं अफीम का मुख्य सप्लायर जिला पाली (राजस्थान) से डूंगरपुर निवासी सुखराम गिरफ्तार किया।







