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रोहतक में जिला परिषद के सदस्यों ने स्थाई सीईओ लगाने की मांग को लेकर जिला विकास भवन के बाहर धरने पर बैठे। जिला परिषद के सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उन्हें स्थाई सीईओ नहीं मिलेगा, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। जिला परिषद के सदस्यों ने कहा कि एडीसी नरेंद्र कुमार के पास कई विभागों का चार्ज है। एडीसी के अलावा जिला परिषद के सीईओ, नगर निगम के कमिश्नर, एचएसवीपी का कार्य भी उन्हें सौंपा हुआ है। साथ ही समाधान शिविर व वीआईपी मूवमेंट के दौरान भी उनकी ड्यूटी लगाई जाती है, जिसके कारण वह जिला परिषद को अपना समय नहीं दे पा रहे। अफसर की बना रखी खूंटी, जो आया सामान टांग गया जिला परिषद के सदस्य धीरज मलिक ने कहा कि स्थाई सीईओ न होने के कारण पूरे जिले के काम प्रभावित हो रहे है। एडीसी के पास काम का बोझ अधिक है। अफसर की तो खूंटी बना रखी है, जो आया, सामान टांग कर चला गया। बिना अधिकारी काम नहीं हो रहा। सरपंच व पंचायत आती है तो पूरा दिन इंतजार करके चली जाती है। धीरज मलिक ने कहा कि एडीसी नरेंद्र कुमार अच्छे अधिकारी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अफसर काबिल हो तो उस पर काम का बोझ लाद दिया जाए। एडीसी के पास 4 विभागों का चार्ज है, जिसके कारण वह समय नहीं दे पा रहे और जनता के काम अटके हुए है। सरकार व अधिकारी की खिलाफत नहीं जिला परिषद के वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा ने कहा कि उन्हें मजबूर होकर धरने पर बैठना पड़ा है। सीईओ अपना समय नहीं दे पा रहे। सरकार ने कई जिलों में स्थाई सीईओ लगाए है, जो समय भी दे रहे हैं और काम भी कर रहे हैं। वह सरकार या अधिकारी की खिलाफत नहीं कर रहे, बल्कि स्थाई सीईओ की मांग कर रहे है। अनिल हुड्डा ने कहा कि स्थाई सीईओ न होने के कारण पब्लिक के सारे काम प्रभावित हो रहे है। आज पंचायत आई हुई थी, लेकिन सीईओ के पास समय ही नहीं था। जब तक जिला परिषद को स्थाई सीईओ नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
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जिला परिषद CEO की मांग लेकर धरने पर बैठे पार्षद:रोहतक में बोले-अफसर की खूंटी बना रखी, जो आया सामान टांग रहा







