सिरसा के हंजीरा में माइनर पर ग्रामीणों की ओर से गोबर व कचरा डालकर किया गया अतिक्रमण। ये गंदा पानी सीधा जलघर में जाता है
सिरसा जिले में कुतियाना माइनर पर हंजीरा गांव में गोबर व कचरा डालकर अतिक्रमण किया हुआ है। कुछ लोगों ने तो माइनर की पटरी पर गोबर व कचरा डाला हुआ है। इसका नतीजा ये है कि तीन-चार गांव के लोग इस गंदगी से मिला पानी पीने को मजबूर है। ग्रामीणों की इस समस्या
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जमाल व कुतियाना की ग्राम पंचायत दोनों विभाग से इससे राहत दिलाने की कह चुके हैं। कुतियाना पंचायत के अनुसार, इस अतिक्रमण को स्थायी तौर पर हटाने के बजाय नहर के ऊपर से सीसी से छत लगाने की चर्चाएं है। इससे तो लोग उसके ऊपर भी अतिक्रमण करना शुरू कर देंगे। वहीं, नहरी विभाग ने इसे इनकारते हुए कहा, यहां सीसी कोई छत नहीं बनेगी। इस अतिक्रमण का ही स्थायी समाधान किया जाएगा।
इस नहर के पास रोड गुजरता है। इस सड़क और नहर के बीच करीब 20 फुट जगह खाली है। इसी जगह पर हंजीरा के कुछ लोगों ने गोबर व कचरा डालकर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। पहले यह अतिक्रमण सड़क के पास तक सीमित था, लेकिन अब लोग नहर की पटरी पर जा पहुंचे हैं। पटरी के बिलकुल ठीक ऊपर गोबर व कचरा डालने लगे हैं। यह सीधा नहर में गिरता रहता है और तेज आंधी में और ज्यादा। ये कचरा सीधा पानी में मिलकर गांव के जलघरों में जाता है। यहीं सप्लाई से घरों में आता है।
माइनर पर अतिक्रमण के फोटोज:
माइनर के पास डाला गया गोबर व कचरा और ये सीधा पानी में गिरता रहता है
माइनर के पास गोबर व कचरा और लकड़ी डालकर किया गया अतिक्रमण
7.29 करोड़ से बनी थी नई माइनर
दरअसल, यह कुतियाना माइनर हाल ही में नहराणा हेड से जमाल तक 7.29 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्माण कर बनाई गई है। यह माइनर हंजीरा से जोड़किया होते हुए कुतियाना जमाल जाती है। तीन से चार गांव के जलघरों में इसका पानी है। ऐसे में हजारों लोगों को गंदगी का पानी पीना पड़ता है। इस पर नहरी विभाग और पंचायत विभाग दोनों ही गंभीर नजर नहीं आ रहे।
जानिए मामले में किसने क्या कहा
हंजीरा सरपंच बोले-कई बार हटाया, लोग दोबारा शुरू कर देते हैं
हंजीरा से सरपंच प्रतिनिधि बंसीलाल के अनुसार, कई बार नहर की पटरी से अतिक्रमण हटाया गया है। लोग दोबारा से वहां पर गोबर व कचरा डालना शुरू कर देते हैं। कई बार लोगों को कहा गया है। एक बार अतिक्रमण हटाने के बाद फिर शुरू हो जाते हैं। लोग मानते नहीं है। इस बारे में विभाग को अवगत कराया गया है। वहां पर पेड़ भी नहीं लगा सकते, क्योंकि लाइनें गुजरती है। इसलिए अन्य कोई समाधान निकाला जाएगा।
सरपंच बोले, हमने कई बार मांग उठाई
कुतियाना के सरपंच प्रतिनिधि विनोद बांगड़वा ने बताया, हमने कई बार मांग उठाई है कि नहर की पटरी के पास से डाले जा रहे कचरा व गोबर का अतिक्रमण हटाया जाए। अभी माइनर नई बनी थी। उस समय नहरी विभाग ने कचरा-गोबर एक बार के लिए हटा दिया था। लोग अब दोबारा से कचरा व गोबर डालकर अतिक्रमण करना शुरू हो गए हैं।
इसी नहर का पानी कुतियाना, जोड़किया व जमाल के जल घरों में आता है और सप्लाई से घरों तक आता है। लोगों को गंदगी का पानी पीना पड़ता है और सभी मजबूर है। इस हंजीरा गांव का जलघर इससे पीछे रह जाता है। मगर हमारे गांव को ये गंदगी पानी में पीनी पड़ती है। नहरी विभाग से भी बार-बार अनुरोध कर चुके हैं। उन्होंने इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है। अगर समाधान नहीं हुआ तो सभी एकजुट होने का काम करेंगे।
माइनर की पटरी के बिलकुल ऊपर डाला गया गोबर व कचरा
एसडीओ बोले-जल्द लेंगे संज्ञान
मामले में नहरी विभाग से एसडीओ हरदीप सिंह का कहना है कि नहर के साथ लगती जगह उनके विभाग के अंतर्गत आती है और बाकी पंचायत की जगह है। जब नहर बनाई थी तो उस समय हमने वहां से अतिक्रमण व कचरा हटा दिया था। बाद में दोबारा वहां कचरा-गोबर डालकर अतिक्रमण करने लगे तो सरपंच को इस बारे में नोटिस भी जारी किया था कि उसे वहां से हटाया जाए। बकायदा पंचायत विभाग के बीडीपीओ को भी पत्राचार किया हुआ है।
हम अपनी जगह से अतिक्रमण हटा सकते हैं, पर पंचायत की जगह में सरपंच व बीडीपीओ को कार्रवाई करनी पड़ेगी। अगर दोबारा से ऐसा ही हो रहा है तो सरपंच से बात करेंगे और पत्राचार करेंगे। वहां पर पौधे लगाने या गांव के सौंदर्यकरण पर काम किया जा सकता है। इस पर जल्द संज्ञान लिया जाएगा।
