फतेहाबाद जिले के अयाल्की गांव में स्थित दी अयाल्की बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति लिमिटेड (पैक्स) में रिकॉर्ड की हेराफेरी कर 76 लाख रुपए से अधिक के गबन का मामला सामने आया है। सीएम फ्लाइंग टीम की छापेमारी के बाद इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। इस संबंध में टोहाना सर्कल के विकास अधिकारी सुरेश कुमार की शिकायत पर थाना सदर फतेहाबाद में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, सीएम फ्लाइंग टीम हिसार को सूचना मिली थी कि अयाल्की पैक्स के कर्मचारियों द्वारा रिकॉर्ड और कैश बुक में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जा रही है। सूचना के आधार पर उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह और राजेश कुमार के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें विकास अधिकारी सुरेश कुमार और सहकारी समितियों के निरीक्षक दौलत राम शामिल थे। जनवरी 2020 से लेकर 31 मार्च 2026 के बीच हुई हेराफेरी टीम ने जब पैक्स के रिकॉर्ड और कैश बुक की गहन जांच की, तो कुल 61 गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और गबन के मामले सामने आए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, यह गबन 1 जनवरी 2020 से लेकर 31 मार्च 2026 के बीच किया गया। आरोपियों ने सरकारी रिकॉर्ड और कैश बुक के साथ छेड़छाड़ करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए। कैश बुक में सेंट्रल बैंक शाखा में राशि जमा होना फर्जी दिखाया गया, जबकि असल में वह पैसा बैंक में जमा ही नहीं हुआ था। लोन वसूली और अन्य रसीदों के माध्यम से उपभोक्ताओं से पूरी राशि ली गई, लेकिन कैश बुक में कम दिखाकर या एंट्री न करके पैसे का गबन किया गया। मैनेजर ने अपने बचत खाते में जमा कराई रकम एक मामले में, तत्कालीन पैक्स प्रबंधक सूबे सिंह ने 75 हजार रुपए की राशि बैंक शाखा में जमा दिखाने के बजाय सीधे अपने निजी बचत खाते में स्थानांतरित कर ली। इसके अलावा, ब्याज की राशि हड़पने के लिए रसीद बुक में तारीखों की हेराफेरी भी की गई। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर पैक्स बैंक को कुल 76 लाख 09 हजार 875 रुपए 70 पैसे और इसके ब्याज की भारी आर्थिक हानि पहुंचाई है। पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन और वर्तमान पैक्स प्रबंधकों सहित निगरानी टीमों को नामजद किया है, जिनकी जिम्मेदारी इस समय अवधि के दौरान बनती थी। इनमें निलंबित पैक्स प्रबंधक सूबे सिंह, तत्कालीन प्रबंधक राजबीर सिंह और वर्तमान पैक्स प्रबंधक बलवन्त सिंह शामिल हैं। हर साल हुआ ऑडिट, नहीं उजगार किया गबन एफआईआर के अनुसार, वर्ष 2020 से 2025 तक इस बैंक का हर साल नियमित ऑडिट होता रहा, लेकिन किसी भी ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में इस गबन को उजागर नहीं किया। पुलिस ने अपनी शिकायत में कहा है कि संबंधित ऑडिटरों, अयाल्की शाखा के बैंक प्रबंधकों और निरीक्षण टीम ने भी अपनी ड्यूटी में कोताही बरती और आरोपियों के साथ मिलकर इस अनियमितता को बढ़ावा दिया। थाना सदर फतेहाबाद के इंस्पेक्टर प्रहलाद राय और ड्यूटी ऑफिसर एस.आई. भूप सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 318(4) और 61 के तहत मुकदमा नंबर 247 दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगामी जांच सब-इंस्पेक्टर भूप सिंह को सौंपी गई है, जो रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियों के लिए जांच में जुट गए हैं।
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फतेहााबाद में अयाल्की पैक्स में 76 लाख का गबन:कैश बुक- रिकॉर्ड में हेराफेरी, सीएम फ्लाइंग टीम का खुलासा, तीन प्रबंधकों- ऑडिटरों पर FIR
