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सिरसा युवती से जर्मनी भेजने के नाम पर 26लाख ठगे:टिकट-वीजा के लिए जमीन तक बिकी, पढाई के साथ पैसा कमाने का दिया झांसा




सिरसा में एक युवती से जर्मनी भेजने के नाम पर 26 लाख से ज्यादा की ठगी हो गई। युवती के रिश्तेदार व एजेंट ने मिलकर ये ठगी की और उसे जर्मनी में पढाई के साथ-साथ पैसे दिलाने का झांसा दिया। कभी स्कूल फीस तो कभी टिकट के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवा लिए और जमीन तक बिक गई। यहां तक कि युवती को वीजा भी नकली भेजा गया। जानकारी के अनुसार, जब युवती और उसके परिजनों ने एम्बेसी में जाकर पता किया तो वह रिजेक्ट हुआ मिला। युवती ने 12वीं पास की हुई है और बार-बार पैसे लेने के लिए झांसा दिया गया। जब कागज व पासपोर्ट वापस मांगे तो टालमटोल करते रहे और पैसे देने से मना कर दिया। इस मामले में पुलिस ने मोहाली के सेक्टर 12 निवासी परनजीत कौर, प्रेम सिंह, अमनकौर व एम.एस स्कूल आफ आईलेटस ब्रांच ऑफिस फगवाड़ा से एजेंट के खिलाफ धारा 420/406/120 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। सिलसिलेवार ढंग से जानिएं पूरा मामला साल 2024 से जर्मनी भेजने की चल रही थी पुलिस को दी शिकायत में शाहपुर बेगु निवासी महिला सुखविन्द्र कौर ने बताया कि उसके दो बच्चे हैं। उसके बुआ की लड़की है, जो अब जर्मनी में रह रही है। अप्रैल 2024 में उसकी बुआ व प्रेम सिंह उनके घर मिलने के लिए आए और उसकी बेटी की पढाई के बारे में पूछने लगे। उसने उनको बताया कि बेटी 12वीं पास है। इस पर उसकी बुआ कहने लगी कि उसकी बेटी जर्मनी में जाकर पढाई कर रही है और साथ में रुपए भी कमा रही है। आप भी अपनी बेटी को जर्मनी में उसके पास भेज दो, जहां उसकी बेटी इसे पढाई करवा देगी और वहां काम भी दिला देगी। उसकी बुआ ने अपनी बेटी से फोन पर बात करवाई और उसने विदेश भेजने का आगे का प्रोसेस पूछा। उसने बताया कि जैसे-जैसे मैं कहूंगी, वैसे आप करते रहना। युवती 12वीं पास थी और पढाई के साथ पैसे कमाने का लालच दिया बुआ की बेटी के कहने पर उसने अपनी बेटी का जुलाई 2024 में आईलेटस का पेपर दिलवाया, जिसमें उसके 5.5 बेण्ड आए थे। उसकी बुआ व बेटी ने कहा, हम आपकी बेटी को जर्मनी का वीजा दिलवा देंगे। इसका सारा खर्च करीब 10 से 15 लाख रुपए बताया था। उस समय उसके व परिवार के पास पैसों का प्रबंध नहीं था। उसने बेटी की फीस के लिए बुआ को कहा तो पैसे न होने की बात कही। उसने उनको 8 तोले सोना गहना दे दिया और कहा, इसे गिरवी रखकर पैसों का इंतजाम कर दो। इसके बदले में जमीन बेचकर पैसे देने व सोना वापस देने को कहा। अगस्त 2024 में उसकी बुआ व प्रेम उनके घर आए और 2 लाख रुपए नकद लेकर चले गए। उसकी बेटी का पासपोर्ट व सभी असल एजुकेशनल सर्टिफिकेट व अन्य दस्तवेजात भी अपने साथ ले गए। जिसके बाद नवंबर 2014 को प्रेम सिंह ने अपने खाते से 8 लाख रुपये उसके व उसकी बेटी के ज्वाईंट बैंक खाता में ट्रांसफर किये थे, जो उस बैंक खाता में 4 लाख रुपये पहले से मौजूद थे। उसने करीब 12 लाख रुपए उसकी बेटी के खाते में फीस के ट्रांसफर कर दिए। बेटी के कागजात व पासपोर्ट लिए इस बारे में बुआ व प्रेम को बता दिया। इसके बाद वह उनसे बात करती रहती थी, जिस पर बुआ की बेटी ने दो लाख रुपए और मांगे और कहा, कागजी कार्रवाई पूरी करनी है। उसने 4 अक्टूबर को बुआ के खाते में दो लाख ट्रांसफर करवाए और आश्वासन दिया कि नवंबर माह के पहले सप्ताह में वह इंडिया आएगी और उसकी बेटी का वीजा लगवाकर अपने साथ ले जाएगी। इसके लिए 4-5 लाख रुपए तैयार रखना। बुआ की बेटी अपने भाई व मां के साथ उनके घर आई और कहा, जैसमीन के कागज तैयार है। किसी कारण से वीजा थोड़ा लेट आएगा। वे घर से 5 लाख रुपये टिकट व जर्मनी जाकर रहने के खर्चे के नाम के नगद लेकर चले गए। 10 दिन बाद कहा, अभी अपॉइटमेंट बंद हो गई, कुछ समय लगेगा। अपॉइटमेंट के लिए सेटिंग की कहकर 8 लाख रुपए और भेजने को कहा। उन्होंने कुल खर्चा पहले 15 लाख बताया था। जर्मनी भेजने को 15 लाख बताया था इस पर कहा, काम करवाना है तो 8 लाख और लगेंगे। उसके पति ने जमीन बेचकर नवंबर 2024 को 3 लाख रुपए व 5 लाख रुपए प्रेम सिंह के खाते में ट्रांसफर किए। इसके बाद उसकी बेटी की कॉलेज में फीस भरने को कहा। उसके पति ने 7.50 लाख का इंतजाम कर दिसंबर 2024 को घर आकर ले गया। जिस पर उसकी बुआ के खाते से करीब 2 लाख 43375 रुपए उसकी बेटी के खाते में आए और बीएसबीआई ब्रलिन स्कूल ऑफ बिजनेस, जर्मनी को ट्रांसफर कर दिए। इसी खाते में 96,335 रुपए ट्रांसफर करवाए। उसके बाद उसकी बुआ के खाते से 49 हजार रुपए बेटी के खाते में आए। उसकी बेटी ने डायरेक्ट दया सिंह के खाता में उनके कहने पर 45 हजार रुपए अपॉइन्टमेन्ट के लिए ट्रांसफर किए। एम्बेसी में पता किया तो लेटर देख हुए दंग मार्च 2025 को उसकी बुआ के खाते से 3.70 लाख व 15 हजार व 3.85 लाख रुपए उसकी बेटी के खाते में आए और स्कूल के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उसकी बेटी के वीजा को लेकर टालमटोल करने लगे व संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उसके पति व बेटी एम्बेसी में पता करने गए। तब वहां जाकर एम्बेसी वालों ने एक लेटर दिया, जिससे पता चला कि उसकी बेटा वीजा रिफ्यूजल आ चुका है। ये सुनकर वे दंग रह गए। उन्होंने बुआ से बात की और पैसे वापस मांगे। वे सभी बोले, अब तो रिफ्यूजल आ गई और वह दोबारा काम शुरू करवा देंगे। जो ब्लॉक खाते में 12 लाख रुपए जमा है, वो कॉलेज में फीस जमा है और रिफंड हो जाएगी। जुलाई 2025 को वे उनके घर आए और कहने लगे कि पैसे रिफंड आने हैं, तो एजेंट के खाते में ना आ जाए। एक एफिडिवेट बनाकर देना होगा। ब्लॉक खाते से जुलाई 2025 में पैसे खाते में आ गए। 25 नवंबर को बुआ की बेटी ने जर्मनी के व्हाटसप नंबर से वीजा भेजा। उसे घरवालों ने चेक कराया तो वह वीजा नकली मिला। इस पर वे उसे ही धमकाने लगे और उसने बेटी का पासपोर्ट व असली कागजात वापिस मांगे। उन्होंने कागजात वापिस लेने के लिए दो लाख रुपए मांगे। जब वह पंचायत लेकर बुआ व प्रेम के घर गए तो उनको ही धमकी देने लगे। कुल 26 लाख 50 हजार की ठगी कर ली। इसके बाद एसपी को शिकायत दी। जिस पर आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की और सिफारिश पर शहर थाना में एफआईआर दर्ज की।



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