![]()
प्रदेश के स्वास्थ्य निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह गुरुवार को रेवाड़ी पहुंचे। कोसली उपमंडल अस्पताल का निरीक्षण किया। रिकार्ड में खामियां पाए जाने पर स्टाफ को फटकार लगाई। नाहड़ सीएचसी में सीजिरियन केसों को लेकर व्यवस्था को जांचने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना सरकार का मकसद है। इसके लिए प्रदेश में जिला से लेकर सब सेंटर तक का निरीक्षण किया जाएगा। व्यवस्था में किसी भी स्तर पर खामियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेफरल व्यवस्था पर कसेंगे नकेल उन्होंने कहा कि सभी जिला व उपमंडल अस्पतालों और सीएचसी- पीएचसी स्तर पर गायिनी और सर्जन की तैनाती है। सरकारी अस्पतालों में रेफलर आज भी एक बड़ी चुनौती है। हम पता लगाने का प्रयास करेंगे कि ऐसा क्यों हो रहा है। इसके लिए जिला और निदेशालय स्तर पर जो भी कमियां होगी, उसका पता कर उन्हें दूर किया जाएगा। खामियों का लगाया जाएगा पता उन्होंने कहा कि उपमंडलीय अस्पतालों में सी-सेक्शन की सुविधा होते हुए प्रसव की संख्या अपेक्षाकृत कम होना चिंता का विषय है। इसके कारणों का पता लगाने के लिए विभाग समीक्षा कर रहा है। ऐसे क्षेत्रों में मरीजों की कम संख्या का पता लगा रहे हैं। कहीं आशा वर्कर्स और एएनएम प्रसव के मामलों दूसरे अस्पतालों में तो नहीं भेज रहे या फिर अस्पताल स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही बरती जा रही है। जिस कारण लोगों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कम हो रहा है। जमीनी हकीकत का पता लगाने का प्रयास उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री का प्रयास प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में प्राइवेट अस्पतालों जैसी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाना है। जिला और उपमंडल अस्पताल, सीएचसी- पीएचसी के अलावा हम कुछ सब सेंटरों का भी निरीक्षण करेंगे। सरकार का प्रयास मरीजों को समय पर बेहतर उपचार, स्वच्छ वातावरण और सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। जिसके लिए निदेशालय स्तर और जिला स्तर पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।
Source link







