रेवाड़ी जिले के भाकली गांव के BSF जवान दयाकिशन आज पंचतत्व में विलीन हो गए। बीएसएफ में एएसआई के पद पर कार्यरत दया किशन जॉइंट ऑपरेशन के दौरान शहीद हो गए थे। उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतेष्टि की गई, जहां बीएसएफ के जवानों ने गॉड ऑफ ऑनर देकर शहीद दया किशन को सलामी दी। वहीं बीएसएफ, पुलिस और प्रशासन की ओर से पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। अंतिम विदाई के दौरान पूरे गांव में शोक की लहर छाई रही। सीमा सुरक्षा बल की ओर से असिस्टेंट कमांडेंट देवराज सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर हितेश यादव, इंस्पेक्टर गोपाल सिंह एवं विशेष टुकड़ी ने सेकंड इन कमांड नीरज कुमार की देखरेख में सलामी देकर उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। बेटे ने पिता को दी मुखाग्नि एएसआई दयाकिशन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) एवं आर्मी की 25-25 जवानों की संयुक्त टीम के साथ मणिपुर के उखरुल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। ऑपरेशन के दौरान दुर्गम पहाड़ी रास्तों में देश की सुरक्षा करते हुए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी। दिवंगत जवान के पुत्र आशीष ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। 1995 में हुए थे हुए थे भर्ती सरपंच श्याम सिंह के अनुसार, दयाकिशन यादव वर्ष 1995 में भर्ती हुए थे। वर्तमान में मणिपुर उनकी तैनाती थी, जहां वे अपनी सेवाएं दे रहे थे। हाल ही में एक जॉइंट ऑपरेशन के दौरान वे वीरगति को प्राप्त हो गए। तीन बच्चों के पिता थे दयाकिशन उन्होंने बताया कि दयाकिशन अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटी और एक बेटा हैं जो फिलहाल पढ़ाई कर रहे है। उनके निधन से गांव और क्षेत्र में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से एसडीओ (पंचायती राज) विकास, थाना प्रभारी कोसली मनोज कुमार, सरपंच श्याम सिंह सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
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रेवाड़ी के BSF जवान पंचतत्व में विलीन:राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार; जॉइंट ऑपरेशन के दौरान हुए थे शहीद
