पंजाब के होशियारपुर स्थित मुकेरियां के एक कारोबारी ने पंजाब के मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां पर गंभीर आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कारोबारी का आरोप है कि मंत्री उनके कारोबार में बड़ी हिस्सेदारी मांग रहे हैं। हिस्सेदारी देने से इन्कार करने पर उन्हें और उनके परिवार को गैंगस्टरों के जरिए धमकियां दिलाई जा रही हैं। याचिकाकर्ता कारोबारी मलकीत सिंह ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि पिछले कुछ समय से उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि लुधियाना के साहनेवाल हलके से मंत्री की ओर से कारोबार में हिस्सेदारी देने की मांग की गई थी। जब उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया तो उन्हें धमकी भरे फोन कॉल और संदेश मिलने शुरू हो गए। कारोबार बंद कराने की दी गई धमकी याचिका के अनुसार कई फोन कॉल और संदेशों में उन्हें चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने कारोबार में हिस्सेदारी नहीं दी तो उनका व्यवसाय बंद करवा दिया जाएगा। कारोबारी का कहना है कि इन धमकियों से उनका पूरा परिवार दहशत में है। मलकीत सिंह ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस को भी दी थी। शिकायत में उन लोगों के नाम भी बताए गए थे, जिन पर धमकियां दिलाने का संदेह है। इसके बावजूद मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अज्ञात लोगों पर एफआईआर याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने गत वर्ष 14 अक्टूबर को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी, लेकिन इसके बाद जांच में कोई खास प्रगति नहीं हुई। कारोबारी का आरोप है कि मंत्री के प्रभाव के कारण पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच नहीं कर रही और मामले को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने दर्ज एफआईआर की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की भी मांग की है। उनका कहना है कि पंजाब पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है, इसलिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने पंजाब के गृह सचिव, डीजीपी, होशियारपुर के एसएसपी, संबंधित डीएसपी और मुकेरियां थाना प्रभारी को भी नोटिस भेजा है। डीजीपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई तय की है। अदालत ने पंजाब के डीजीपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए कहा है कि अगली सुनवाई पर एफआईआर में अब तक हुई जांच की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश की जाए। अब अदालत में यह स्पष्ट होगा कि पुलिस जांच किस चरण में है और शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
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