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यमुनानगर में 10वीं के स्टूडेंट के सुसाइड पर सवाल:पिता बोले-आखिरी बार साइकिल पंक्चर की बात कही; स्कूल की खंडहर बिल्डिंग में मिला था शव




यमुनानगर के छछरौली स्थित गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 10वीं कक्षा के छात्र कमलजीत के फंदे पर लटके मिले शव के मामले में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस शुरुआती जांच में पारिवारिक तनाव को एक पहलू मान रही है, लेकिन फिलहाल आत्महत्या के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है। वहीं घटनास्थल की परिस्थितियां भी कई सवाल खड़े कर रही हैं, जिनका जवाब अब फोरेंसिक जांच के बाद ही मिल सकेगा। कमलजीत का शव स्कूल परिसर की काफी पीछे स्थित बंद पड़ी खंडहरनुमा बिल्डिंग के एक कमरे में छत पर लगी हुक से फंदे पर लटका मिला था। यह बिल्डिंग लंबे समय से बंद है और यहां आमतौर पर किसी का आना-जाना नहीं होता। 12 फीट ऊंची छत ने बढ़ाया संशय घटनास्थल पर मौजूद हालात ने मामले को और उलझा दिया है। जिस कमरे में इकलौती संतान कमलजीत का शव मिला, उसकी छत करीब 12 फीट ऊंची है, जबकि कमलजीत की लंबाई लगभग 5 फीट 6 इंच थी। कमरे में करीब साढ़े तीन फीट ऊंचे कई मेज रखे हुए थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि दो मेज एक-दूसरे के ऊपर रखकर फंदा लगाया गया हो तो हुक तक पहुंचना संभव था, लेकिन यदि नीचे केवल एक ही मेज रही होगी तो छत के हुक तक उसका हाथ पहुंचना आसान नहीं था। पुलिस का कहना है कि इस संबंध में अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। आखिरी बार पिता से हुई थी फोन पर बात दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए कमलजीत के पिता नवाब सिंह ने बताया कि बुधवार को ढाई बजे स्कूल की छुट्टी के बाद बेटे से उनकी आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। कमलजीत ने बताया था कि उसकी साइकिल पंक्चर हो गई है, इसलिए घर आने में देर होगी। कुछ देर बाद उसने दोबारा फोन कर कहा कि वह अपने एक दोस्त से मिलने जा रहा है। शाम करीब चार बजे उसकी योगा क्लास थी, लेकिन काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उन्होंने लगातार उसके मोबाइल पर कॉल की। रात तक फोन नहीं उठा और न ही कमलजीत घर पहुंचा। इसके बाद गुरुवार सुबह उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मोबाइल की आखिरी लोकेशन स्कूल के पास मिलने पर पुलिस और परिजन स्कूल पहुंचे। तलाश के दौरान बंद पड़ी खंडहर बिल्डिंग के कमरे में कमलजीत का शव फंदे से लटका मिला। पिता बोले- बेटे को पायलट बनाना चाहता था कमलजीत की मौत के बाद पिता नवाब सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे की तस्वीर हाथ में लेकर वह बार-बार यही कहते रहे हैं- उनका सपना था कि कमलजीत बड़ा होकर पायलट बने और ऊंची उड़ान भरे। उन्हें यह नहीं मालूम था कि उनका बेटा उनसे इतनी दूर चला जाएगा। नवाब ने बताया कि वह पहले प्राइवेट स्कूल बस चलाया करता था, लेकिन अपने बेटे को टाइम देने के लिए उसने वह नौकरी छोड़ दी थी। नवाब सिंह ने बताया कि पिछले करीब 5 सालों से उनका और उनकी पत्नी का कोर्ट में विवाद चल रहा है। कमलजीत को भी इस बारे में जानकारी थी। हालांकि उसने कभी खुलकर अपनी परेशानी नहीं बताई, लेकिन उसके चेहरे से महसूस होता था कि उनके विवाद का असर उस पर पड़ रहा है। वह अक्सर उनसे कोर्ट में चल रहे केस के बारे में पूछता रहता था। पढ़ाई में होशियार, यूट्यूबर बनने का था सपना नवाब सिंह के अनुसार, कमलजीत पढ़ाई में काफी होशियार था। वह बड़ा होकर यूट्यूबर बनना चाहता था। मां से अलग रहने के कारण उसे कई काम खुद ही करने पड़ते थे। पिता का कहना है कि उसकी जिंदगी आसान नहीं थी, लेकिन उसने कभी यह नहीं जताया कि वह किसी परेशानी में है। उन्होंने कहा कि कमलजीत उनसे हर बात साझा करता था। उन्हें नहीं लगता कि किसी ने उसे प्रताड़ित किया होगा या किसी के दबाव में उसने यह कदम उठाया होगा। आखिर ऐसी कौन-सी बात थी जिसे वह दिल पर ले बैठा, यह अभी भी परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।



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