यमुननगर के रादौर के छोटा बांस स्थित डेहा कॉलोनी में पुलिस टीम पर हुए पथराव और नशा तस्कर को छुड़ाने की घटना के बाद प्रशासन की कार्रवाई के सख्ती बढ गई है। अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाने के बाद अब नगर पालिका ने मौके पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया है। बोर्ड पर स्पष्ट लिखा गया है कि यह भूमि नगर पालिका रादौर की मलकियत है और इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ हरियाणा नगरपालिका अधिनियम-1973 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अतिक्रमण को दंडनीय अपराध बताया गया है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद जिन परिवारों के मकान टूटे हैं, उन्होंने सड़क किनारे ही अस्थायी डेरा जमा लिया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि जब तक सरकार उन्हें वैकल्पिक आवास उपलब्ध नहीं कराती, तब तक वे यहीं रहने को मजबूर हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि दोबारा अतिक्रमण नहीं होने दिया जाए और डेहा बस्ती को शहर से बाहर बसाया जाए। करीब 500 परिवारों के रहने का दावा, 50 मकान तोड़े गए डेहा समाज के लोगों का दावा है कि बस्ती में करीब 500 परिवार वर्षों से रह रहे हैं। प्रशासन अब तक करीब 50 मकानों को ध्वस्त कर चुका है। कार्रवाई के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है। उनकी मांग है कि यदि उन्हें यहां से हटाया जा रहा है तो सरकार पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था करे। चेयरमैन जसमेर सिंह बंजारा ने सुनी प्रभावितों की पीड़ा इसी बीच हरियाणा विमुक्त घुमंतु जाति विकास बोर्ड के चेयरमैन जसमेर सिंह बंजारा भी डेहा कॉलोनी पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया था कि उनकी बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी। हालांकि चेयरमैन की मौजूदगी में डेहा समाज और आसपास के ग्रामीण आमने-सामने आ गए। डेहा समाज ने खुद को बेघर बताते हुए पुनर्वास की मांग की, जबकि ग्रामीणों ने बस्ती के कुछ लोगों पर नशा तस्करी, चोरी, मारपीट और क्षेत्र का माहौल खराब करने के आरोप लगाए। दोनों पक्षों ने काफी देर तक चेयरमैन के सामने अपनी-अपनी बात रखी। पुलिस पर हमले के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई बता दे कि कुछ दिन पहले करनाल सीआईए की टीम एक नशा तस्कर को पकड़ने के लिए डेहा कॉलोनी पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान बस्ती के कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया था। हमले में पुलिसकर्मी घायल हुए थे और आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाकर कई निर्माण ध्वस्त कर दिए थे। रादौर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस पर हमले के मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा अवैध निर्माण हटाए जा चुके हैं और भविष्य में यदि कोई दोबारा सरकारी जमीन पर कब्जा या निर्माण करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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