चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी ने मेघालय स्थित सीएमजे यूनिवर्सिटी से प्राप्त पीएचडी डिग्रियों के आधार पर हुई नियुक्तियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने ऐसे शिक्षकों की नियुक्तियों को दी गई अस्थायी मंजूरी वापस लेने का फैसला किया है। अब तक 17 शिक्षकों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से अधिकांश चंडीगढ़ के निजी कॉलेजों में कार्यरत हैं। पीयू ने 10 जून को पीयू से मान्यता प्राप्त कॉलेजों के प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर 30 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट भेजने को कहा है। विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार यह मामला पिछले एक दशक से लंबित था और अब कानूनी राय तथा न्यायिक प्रक्रियाओं के बाद कार्रवाई शुरू की गई है। अब 4 पॉइंट्स में पढ़ें मामला:- निजी कॉलेजों में सबसे ज्यादा मामले विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार, पहचाने गए अधिकांश मामले चंडीगढ़ के निजी कॉलेजों से जुड़े हैं। इनमें सेक्टर-10 स्थित एक निजी कॉलेज के दो कंप्यूटर साइंस शिक्षक भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि विश्वविद्यालय ने किसी विशेष कॉलेज का नाम सार्वजनिक नहीं किया है और पत्र सभी संबद्ध कॉलेजों को भेजा गया है।
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